फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि यंत्र अनुदान में हुई बंदरबूंट की जांच बैठाई

विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि यंत्र अनुदान में हुई बंदरबांट की जांच बैठाई
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। कृषि विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना में हुई बंदरबांट के मामले में डीएम ने जांच बैठा दी है। मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना में करोड़पतियों को दस-दस लाख का अनुदान बांटने का मामला उजागर होने के बाद शासन तक हड़कंप मच गया है। जिले में 23 समूहों को योजना का लाभ दिया जाना था। कृषि विभाग के अफसरों ने मनमानी करते हुए 19 ऐसे समूह को सरकार धन बांट दिया, जो आर्थिक रूप से संपन्न है।
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार की फार्म मशीनरी बैंक योजना को कृषि विभाग ने ही पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जिले में 19 समूहों को नियमों के विरुद्घ अनुदान के 10-10 लाख रुपये जारी कर दिए गए। मामला अमर उजाला में उजागर होने के बाद प्रशासन और शासन तक हड़कंप मच गया। आनन फानन में डीएम राजीव शर्मा ने पूरे मामले की पत्रावली तलब की। डीएम ने केंद्र सरकार की फार्म मशीनरी बैंक योजना में गड़बड़झाले की जांच सीडीओ अर्चना वर्मा को सौंप दी है। मोदी सरकार ने देश के गरीब और मध्यम वर्ग के किसानों की कृषि आय बढ़ाने के लिए ट्रैक्टर सहित आठ कृषि यंत्र खरीदने पर अनुदान योजना प्रारंभ कर रखी है। जिले में 23 समूहों का चयन कर 10-10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाना था। कृषि विभाग ने नियमों को ताक पर रख कर 19 ऐसे समूहों को धन जारी कर दिया, जो करोड़पति हैं। चुने गए कई पात्र आयकरदाता हैं और अन्य उद्योग से जुड़े हैं। आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को अनुदान योजना में शामिल नहीं किया गया। सिर्फ इतना ही नहीं दो एससी समूहों को अनुदान के लिए चुना जाना था, लेकिन कृषि अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं ली। डीएम ने कहा कि जिस तरह से अनुदान बांटा गया, इससे योजना की मंशा को ही खत्म कर दिया गया। पहले से ही कृषि यंत्र रखने वाले और आर्थिक रूप से संपन्न किसानों को योजना का लाभ देने का कोई औचित्य ही नहीं बैठता है। योजना में किस स्तर पर अनियमित्ता बरती गई, इसकी जांच सीडीओ को सौंप दी गई है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई को शासन को लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांसद ने अनुदान की बंदरबांट पर चिंता जताई
मुजफ्फरनगर। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान ने कहा कि कृषि अनुदान में बरती गई अनियमितता की शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ से की जाएगी। आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के साथ यह धोखा है। अपात्रों को अनुदान देने के दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने इस संबंध में प्रमुख सचिव कृषि से वार्ता की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें