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‘गजल की एक शाम’ कार्यक्रम आयोजित

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‘गजल की एक शाम’ कार्यक्रम आयोजित
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मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। नववर्ष के उपलक्ष्य में मोहल्ला मुश्तर्क स्थित नसीम हाउस पर ‘गजल की एक शाम’ का आयोजन किया गया। शायरों ने देश की वर्तमान राजनीति पर तंज कसे।
युवा शायर आरिफ फरीदी के नातिया कलाम से शुरू होने वाले कार्यक्रम में कलाम पेश करते हुए उस्ताद शायर शाहनजर सानी ने कहा, गुलिस्तां में बहार हो कैसे, जिंदगी खुशगवार हो कैसे। यूसुफ कुरैशी का कहना था, सफर भी दर्द का है राह आसान भी नहीं, चला उधर हूं कि जिस सम्त की हवा भी नहीं। हकीम शमीम अब्बासी का कहना था- हाथ उठे थे किसी ओर की खातिर उनके, मैं ये समझा कि मेरे हक में दुआ मांगी है। डॉ ताहिर कमर का कहना था- बहुत मशहूर है पत्थर से शीशा टूटना लेकिन, कभी शीशे से लगकर खुद ही पत्थर टूट जाते हैं। हाफिज जाहिद अंसारी ने कहा, नफरतों के ही दरमियां हमको, प्यार का एक दिया जलाना है। अबदुस्सत्तार नैयर का कहना था, मिटाने वाले बुजुर्गों की शान रहने दे, कोई तो शहर में कच्चा मकान रहने दे। इनके अलावा आरिफ फरीदी, फैसल मोनू, सादिक कुरैशी, डॉ नसीम ने भी अपना कलाम पेश किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहनजर सानी और संचालन डॉ ताहिर कमर द्वारा किया गया। शमा रौशन मुशर्रफ इदरीसी और सभासद अफजाल कुरैशी ने संयुक्त रूप से की। इकबाल अंसारी, कालू मलिक, मनसब फरीदी, सादिक उजैर, आस मौहम्मद, जनरल, शाहनजर, हमजा, शुएब आदि उपस्थित रहे।
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टिकौली मिल ने भुगतान भेजा
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। टिकौला चीनी मिल टिकौला के अधिशासी अध्यक्ष रवि कथूरिया ने बताया कि मिल ने 20 दिसंबर से 26 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का भुगतान 14.89 करोड़ रुपये संबंधित गन्ना समितियों/बैंकों को भेज दिया है।
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