आबोहवा मेें जहर घोल रहे पुराने वाहन
मुजफ्फरनगर। सर्दी का प्रकोप बढ़ने पर कोहरा और धुंध छाने लगी है। दिल्ली-एनसीआर में हालात अधिक चिंताजनक बन गए हैं। शहर में भी प्रशासन की लापरवाही से हजारों वाहन आबोहवा में जहर घोल रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए अमला पूरी तरह से नाकाम है। पुराने वाहनों में चौपहिया ही नहीं, दुपहिया वाहनों की भी बड़ी तादात है, जो दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। एनजीटी ने एनसीआर में प्रदूषण की मात्रा बढ़ने पर 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर शिकंजा कसने के आदेश दिए थे। इस पर एआरटीओ ने जनपद में दुपहिया और चौपहिया वाहनों को ट्रेस तो कर लिया, मगर कार्रवाई की चाल बेहद धीमी है। इसके चलते यह पुराने वाहन जनपद की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं।
प्रदूषण विभाग भी हुआ सतर्क
मुजफ्फरनगर। बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली के कोटला मैदान पर भारत-श्रीलंका का टेस्ट मैच रोकना पड़ा है। इससे एक बार फिर एनसीआर स्मॉग और प्रदूषण की चपेट में है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सोमवार को वायु प्रदूषण के साथ स्मॉग की स्थिति का आंकलन किया है। जांच में शहर में अभी खतरा नहीं है, लेकिन आने वाले समय में इंतजाम नहीं किए गए तो स्थिति भयावह हो सकती है। विभाग ने 10 पीएम और 2.5 पीएम की जांच की है, जिसमें 10 पीएम जिले में 150 प्रति मीटर पार्टिकुलेट मैटर मिले हैं, जबकि 2.5 पीएम की मात्रा भी 70 पार्टिकुलेट प्रति मीटर तक पहुंच गई है।
प्रदूषण के लपेटे में आए ट्रैक्टर
मुजफ्फरनगर। जिले में इन दिनों शुगर मिलों में पेराई सत्र चालू है, जिनमें अधिकांश गन्ना ट्रैक्टर-टॉलों के माध्यम से पहुंचाया जाता है। ऐसे में ट्रैक्टर भी प्रदूषण फैलाने के कारक बने हैं। जनपद में करीब 13 हजार से अधिक ट्रैक्टर 10 वर्ष पुराने हैं, जो सड़कों के साथ खेतों में चल रहे हैं।
रोजाना पकड़ रहे हैं पुराने वाहन
एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि पुराने वाहनों पर रोजाना कार्रवाई की जा रही है। वाहनों के चालान करने के साथ अधिकांश को जब्त भी किया जा रहा है। एनजीटी के आदेशों का पालन होगा। किसी भी कीमत पर पुराने वाहनों का संचालन जनपद में नहीं होने दिया जाएगा।
पुराने वाहन संख्या
ट्रैक्टर 13556
बाइक 32786
कार 7354
ट्रक 2094
जीप 421
वैन 128
एलएमवी -7354
स्कूली वाहन 03
बस 480