रेलवे के पांच विभाग करेंगे अलग-अलग जांच
मुजफ्फरनगर। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस मेरठ कैंट से चलने के बाद 45 मिनट में मुजफ्फरनगर स्टेशन पहुंचती है। शनिवार शाम को दुर्घटना का शिकार बनी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन की दौराला में कुछ क्षणों के लिए स्पीड कम हुई थी। यहां से निकलते ही ट्रेन तेज स्पीड में आकर हवा से बातें करने लगी थी। उधर, ट्रैक साफ होने के बाद रेलवे ने भी इसकी जांच कराने की तैयारियां प्रारंभ कर दी है। रेलवे के पांच विभाग हादसे की अपने-अपने स्तर से जांच पड़ताल करेंगे।
शनिवार को मेरठ से निकली ट्रेन कैंट में रुकी, यहां से आगे बढ़ने के बाद स्पीड पकड़ ली। जैसे ही दौराला क्षेत्र में पहुंची तो स्पीड कम हो गई। यहां डबल ट्रैक के कारण ट्रेन ने स्पीड कम की, लेकिन मुख्य लाइन पर पहुंची तो तेज स्पीड पर आ गई। ट्रेन में सवार और हादसे के गवाह मुबारिक अली ने बताया कि खतौली स्टेशन के निकट कोई संकेत नहीं दिया गया था। धड़ाधड़ दौड़ रही ट्रेन की बोगियां पलभर में बेपटरी होकर बिखर गई। उधर, हादसे की जांच रेलवे के पांच विभाग करेंगे। लोको (पॉवर विभाग), ट्रैक दल, कैरिजन वैगन (डिब्बे बनाने वाला विभाग), एसएनटी (सिग्नल एवं टेलीकॉम) और यातायात आप्रेटर विभाग भी अपने-अपने स्तर हादसे में जांच करेंगे। विभाग इस बात की तस्दीक करेंगे कि हादसे में उनके विभाग को कितना नुकसान पहुंचा है। पीडब्ल्यूआई ने हादसे में साढ़े तीन करोड़ की रेलवे को क्षति बताई है।