वार्डन प्रभारी सहित आठ स्टाफ की संविदा समाप्त
खतौली ( मुजफ्फरनगर)। गांव तिगाई में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं के कपड़े उतरवाने के प्रकरण में मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर विद्यालय के वार्डन प्रभारी समेत आठ स्टाफ की संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई है। बीएसए चंद्रकेश यादव ने इसकी पुष्टि की है।
विद्यालय में छात्राओं के कपड़े उतरवाने के मामले में अभिभावकों ने 29 मार्च को विद्यालय में बखेड़ा कर दिया था। इस प्रकरण की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई थी। 30 मार्च को तत्कालीन डीएम दिनेश कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए वार्डन डॉ. सुरेखा तोमर को बर्खास्त कर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश बीएसए को दिए थे। मजिस्ट्रेटी जांच तत्कालीन एसडीएम सदर रेनु सिंह को सौंपी थी। बीएसए ने वार्डन को बर्खास्त करते हुए कोतवाली में वार्डन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। तीन अप्रैल को मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर ने की थी। बर्खास्त वार्डन डा. सुरेखा तोमर ने भी अधिकारियों से शिकायत की थी, उनको बदनाम करने के लिए स्टाफ ने छात्राओं को भड़काया था और कपड़े उतरवाने के गलत आरोप उन पर लगवाए हैं। मजिस्ट्रेटी जांच में स्कूल स्टाफ व बर्खास्त वार्डन दोनों को दोषी माना गया है। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट में दोषी मानते हुए वार्डन प्रभारी, तीन अल्पकालीन शिक्षिकाएं, दो महिला रसोईया, चपरासी, एकाउंटेंट की संविदा सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। एबीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में नए स्टाफ की तैनाती कर दी गई है।