जीएसटी की खामियां दूर कराने के लिए प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। जीएसटी में खामियों का आरोप लगाते हुए व्यापारियों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। वित्तमंत्री अरुण जेटली के नाम डीमए को दिए ज्ञापन में खामियों को दूर करने की मांग की गई।
बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय आह्वान पर व्यापारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर जीएसटी में व्याप्त अनेक खामियों को लेकर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने एक ट्रेड कम्युनिटी पर एक ही दर रखने की मांग करते हुए 28 बिंदुओं पर वित्तमंत्री अरुण जेटली के नाम ज्ञापन डीएम जीएस प्रियदर्शी को सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी का कानून देश में नया है और यह विभिन्न टैक्सों को सम्मिलित कर बनाया गया है। जीएसटी के पंजीकरण, रिटर्न, दरें, धाराएं एवं अन्य प्रावधानों की जानकारी देने के लिए तहसील स्तर पर विभागीय अधिकारियों द्वारा व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जीएसटी को लेकर भ्रम की स्थिति है और सही प्रकार से इस कानून के बारे में कहीं से भी सटीक जानकारी नहीं मिल पाने के कारण व्यापारियों में ऊहापोह की स्थिति बनी है। जीएसटी में बंदूक और स्कूली बस्तों पर 18 प्रतिशत की दर लागू करने का विरोध किया। इसके अलावा मंडी शुल्क को देश में समाप्त करने या इसे जीएसटी में शामिल करने, सभी प्रकार के आभूषणों और कपड़े पर एक प्रतिशत दर रखने की मांग की है। जीएसटी में जेल के प्रावधान का विरोध किया गया। प्रदर्शन करने वालों में विकास अग्रवाल, अनिल गुप्ता, दिनेश बंसल, वरुण ढींगरा, मनीष गर्ग, अनित तायल, प्रवीन गोयल, अमित मित्तल, मनोज गुप्ता, अनिकित गोयल, राजा बंसल, शशांक राणा, मुकेश तायल, सचिन सिंघल, राजकुमार वर्मा आदि व्यापारी शामिल रहे।