जिले की दो नगर पालिकाओं और आठ नगर पंचायतों में 26 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां कर ली है। दस निकायों के लिए 156 मतदान केंद्रों पर 549 बूथ बनाए गए हैं। तहसील मुख्यालयों से पोलिंग पार्टियां निकायों के लिए शनिवार को प्रस्थान करेगी। बृहस्पतिवार को एडीएम वित्त और सिटी मजिस्ट्रेट ने नवीन मंडी स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
निकाय चुनाव का प्रचार अभियान शुक्रवार शाम थम जाएगा। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। जिले में दो नगर पालिका मुजफ्फरनगर और खतौली है। इसके अलावा आठ नगर पंचायतें हैं। इनमें बुढाना, शाहपुर, सिसौली, चरथावल, पुरकाजी, खतौली, जानसठ, भौकरहेड़ी, मीरापुर नगर पंचायत है। निकायों में पोलिंग पार्टियां तहसील मुख्यालय से रवाना होंगी।
नवीन मंडी स्थल से मुजफ्फरगर शहर, चरथावल और पुरकाजी के लिए पोलिंग पाटी जाएंगी। डीएवी इंटर कॉलेज बुढ़ाना से बुढ़ाना, शाहपुर, सिसौली के लिए पोलिंग पार्टी जाएंगी। जानसठ के डीएवी इंटर से जानसठ, मीरापुर और भोकरहेड़ी के लिए पोलिंग पार्टी रवाना होंगी। खतौली के लिए कबूल कन्या इंटर कॉलेज से पोलिंग पार्टी रवाना होंगी।
दस निकायों में चुनाव के लिए 156 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों पर 549 बूथ होंगे। सभी दस निकायों में कुल चार लाख 58 हजार 917 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निकाय चुनाव की तैयारियों को लेकर एडीएम वित्त सुनील सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट ने नवीन मंडी स्थल का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया।
13 जोन और 41 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात
मुजफ्फरनगर। चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन ने जिले को 13 जोन और 41 सेक्टर में बांटा है। प्रत्येक जोन का मुख्यालय उस क्षेत्र के थाने को बनाया गया है। सेक्टर मजिस्ट्रेट को क्षेत्र के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रेक्षक देवाशीष पांडा ने ली बैठक
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव के लिए प्रेक्षक बनाए गए सीनियर आईएएस देवाशीष पांडा ने चुनाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
तीन दिन से चल रहा प्रशिक्षण पूरा
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव को लेकर तीन दिन से चल रहा प्रशिक्षण का कार्य बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने बताया कि सभी कर्मचारियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर दिया है।
पूर्व प्रमुख ग्रह सचिव देवाशीष पांडा ने डाला डेरा
सूबे में दंगा-अपराध के कारण मुजफ्फरनगर को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इसको लेकर सरकार के आला अफसरों ने जिले में डेरा डाल लिया है। अखिलेश में प्रमुख सचिव गृह रहे देवाशीष पांडा को योगी सरकार ने जिले में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया है। बृहस्पतिवार को देवाशीष पांडा ने अफसरों के साथ चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के साथ संवेदनशील गांवों, क्षेत्रों के साथ मतदान केंद्रों की जानकारी ली है।
पूर्व प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने जिले के अफसरों के साथ जिले की व्यवस्था आदि को लेकर मंथन किया। सूबे में वर्ष 2013 से मुजफ्फरनगर विशेष हो गया है। दंगा प्रभावित और अपराध जगत में प्रमुख स्थान रखने के कारण शासन ने यहां पर विशेष फोकस किया है। जिले पर पूरी तरह से पकड़ रखने के लिए अखिलेश सरकार में अहम औहदे पर रहे देवाशीष पांडा को योगी सरकार ने चुनाव पर्यवेक्षक बनाया है।
पहले दिन आते ही देवाशीष पांडा ने जिले के आला अफसरों ने माहौल को परखा है। पूर्व के लोकसभा, विधानसभा के साथ नगर निकाय चुनाव में कहां-कहां हालात बेकाबू रहे थे। वहां अब क्या स्थिति है। पूर्व प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस की कार्यप्रणाली के भी पन्ने पलटे हैं।
उन्होंने संवेदनशील गांवों, क्षेत्रों की जानकारी ली है। उन दरोगा और अफसरों से मंत्रणा की गई है, जो पूर्व में जिले में चुनाव करा चुके हैं। उन्हें इस चुनाव में भी विशेष सहयोग के लिए रखा गया है। उधर, शासन भी पर्यवेक्षक देवाशीष पांडा से जिले की प्रत्येक गतिविधि की जानकारी ले रहा है।
कड़ी रहेगी तीनों दिनों तक चेकिंग
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव को लेकर जिले की सभी सीमाओं पर कड़ी चेकिंग व्यवस्था शुरु हो गई है। अगले तीन दिनों तक चेकिंग कड़ी रहेगी। हाईवे समेत चौकी स्थानों पर प्रत्येक दुपहिया, चौपहिया वाहनों की गहनता से तलाशी ली जाएगी। पुलिस शराब, कैश समेत अनेक संदिग्ध वस्तुओं की तलाशी लेगी।