मीरापुर विधायक अवतार भड़ाना को मिला कांग्रेस से टिकट
मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधायक अवतार सिंह भड़ाना कांग्रेस के टिकट पर फरीदाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ेेंगे। दो माह पहले भाजपा से त्यागपत्र देकर उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में घर वापसी की थी। भड़ाना ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा लिखित में भेज दिया था, लेकिन अभी तक उसे स्वीकार करने की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अवतार सिंह भड़ाना ने एकाएक भाजपा में एंट्री ली थी। उनकी गिनती गुर्जर राजनीति के शीर्ष नेताओं में होती है। मेरठ-मवाना लोकसभा सीट से वर्ष 1999 में कांग्रेस सांसद रह चुके भड़ाना को बीजेपी ने टिकट दिया, तो उन्हें कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का विरोध भी झेलना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने मात्र 193 वोट से सपा प्रत्याशी लियाकत अली को शिकस्त देकर मीरापुर से भाजपा का विधायक बनने की सफलता हासिल की। योगी सरकार के मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से भड़ाना को मायूसी हाथ लगी। लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया, तो उनका भाजपा से मोह भंग होने लगा। जिले में पार्टी संगठन के कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति शून्य होती गई। छह माह पहले ही उन्होंने कांग्रेस में वापसी के संकेत दे दिए थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल वासनिक ने हरियाणा के पांच पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिसमें फरीदाबाद लोकसभा सीट से अवतार सिंह भड़ाना को टिकट दिया गया है। बताते चले कि उनके बड़े भाई करतार सिंह भड़ाना वर्ष 2012 में खतौली विधानसभा से रालोद के टिकट पर विधायक बने थे। उसके बाद वर्ष 2014 में कैराना संसदीय सीट से और वर्ष 2017 में बागपत विधानसभा सीट से रालोद प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ा, मगर हार गए। करतार भी बसपा का दामन थाम चुके हैं और मध्य प्रदेश की मुरैना सीट से लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी बनाए गए हैं।