मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत टीबी रोग पर पूरी तरह अंकुश करने के लिए चिकित्सा विभाग 19 जून से 29 जून तक अभियान चला रहा है। इस अभियान में सघन क्षय रोगी की खोज की जाएगी। सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने कहा कि टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए इस अभियान की शुरुआत हुई है।
जिला चिकित्सालय में मीडिया कार्यशाला में सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा ने कहा कि भारत सरकार टीबी को समूल समाप्त करने में लगी है। इसे लेकर ही अभियान चलाया जा रहा है। दस दिन तक चलने वाले अभियान में टीबी रोगियों की खोज की जाएगी। पहले चरण में ब्लाक चरथावल, खतौली, बुढ़ाना, जानसठ एवं नगरीय क्षेत्र मुजफ्फरनगर को लिया जा रहा है। पहले चरण में जिले की दस प्रतिशत जनता को लिया गया है। इसके लिए 107 टीमों का गठन किया गया है। ये टीम घर-घर जाकर मरीजों से संपर्क करेगी। बीमारी के चिह्नित होने पर नि:शुल्क उपचार होगा। मरीज के चिह्नित होने के बाद उसके पोषण के लिए सरकार से उसे 500 रुपये प्रतिमाह उपचार होने तक मिलेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश गुप्ता ने बताया कि जिले में इस समय टीबी के दो हजार मरीजों को उपचार चल रहा है। जिन लोगों में छह तरह के लक्षण पाये जाते हैं, उन्हें जांच में शामिल किया जाता है। इनमें दो सप्ताह से अधिक खांसी होने पर या इतने ही दिन लगातार बुखार होने पर, तेजी से वजन कम होने पर, छह माह में कभी भी बलगम में खून आने पर, पिछले एक माह में छाती में दर्द की शिकायत होने पर जांच के दायरे में रखा जाता है। जांच के लिए जिले में दो सीबीनेट मशीन लगी हैं। अभियान में 321 कार्यकर्ता, 23 पर्यवेक्षक, सात जांच केंद्र, 18 एलटी तथा आठ नोडल अधिकारियों को लगाया गया है। कार्यशाला में डॉ. एसके अग्रवाल, डॉ. वीके सिंह, डॉ. संजय जोधा, डॉ. घनश्याम, डॉ. अशोक शर्मा आदि रहे।