वैदिक संस्कृति से धर्म और राष्ट्र की रक्षा: निश्चलानंद
मुजफ्फरनगर। गोवर्धन मठ जगन्नाथपुरी, उड़ीसा के पीठाधीश्वर एवं जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वैदिक संस्कृति के संवर्धन से ही धर्म, राष्ट्र और आध्यात्म की रक्षा होगी। विघटन की प्रवृत्ति की छोड़ कर मानवता के मूल्यों के लिए कार्य करें।
शहर के जानसठ रोड स्थित आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल में आयोजित सनातन धर्म सम्मेलन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण, धर्म, राष्ट्र एवं आध्यात्म के वैदिक परिप्रेक्ष्य में व्याख्या की। उन्होंने कहा कि सनातन वैदिक भारतीय संस्कृति धरा की अमूल्य धरोहर है। वैदिक काल के सिद्धांतों, आदर्शों और मूल्यों के विपरीत कार्यों की वजह से ही विश्व में अशांति, आतंकवाद, संघर्ष और बड़े नरसंहार हो रहे हैं। मानवीय मूल्यों को स्थापित करने से ही समाज और राष्ट्र में शांति, आनंद, समृद्धि, सुख और उन्नति की अनुभूति होगी। समाज को विघटन की नहीं, बल्कि समुचित विकास की आवश्यकता है। राजनीति अपने पथ को छोड़ कर विघटन की राह पर है, जिससे समाज और राष्ट्र का भला नहीं होगा। स्वामी ने वर्तमान समय में मोबाइल फोन से फैलती विकृति पर चर्चा की। साथ ही कहा कि परिवार में मोबाइल की वजह से संवादहीनता बढ़ रही है। बुजुर्गों और परिजनों से संवाद टूटने से भी विवाद और बिखराव बढ़ता है। स्वामी ने मोबाइल को कर्ण पिशाच की संज्ञा दी। सम्मेलन में पधारने पर जगद्गुरु शंकराचार्य का भव्य अभिनंदन किया गया। इस दौरान विधायक कपिल देव अग्रवाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, पालिका चेयरमैन अंजू अग्रवाल, योगेंद्र गर्ग, सुधाराज शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य भूदेव सिंह, सुनील शर्मा, धर्मेंद्र वत्स, अंकित बिंदल, श्यामलाल, प्रवीण जैन, नीटू बिश्नोई, अंकुर गर्ग, पवन गोयल, प्रेरणा मित्तल, रेणू गर्ग, प्रीति खन्ना, बिजेंद्र पाल, मनोज वर्मा आदि मौजूद रहे।
जगद्गुरु ने बताई मां की महिमा
मुजफ्फरनगर। नई मंडी में उद्यमी योगेंद्र गर्ग के आवास पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से भक्तों ने आशीर्वाद लिया। स्वामी ने कहा कि सृष्टि में मां का स्थान सबसे ऊंचा है। माताओं की अनदेखी से समाज में उन्माद फैल रहा है। मां बालक की प्रथम गुरु है। संत श्री ने महाभारत के उदाहरण से मां की महिमा बताई। परिवार में माताओं का सम्मान करें। लाला मूलचंद सर्राफ, विपुल भटनागर, श्रीमोहन तायल, प्रमोद त्यागी आदि ने आशीर्वाद लिया।