फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसर फोन कर बताएंगे आपने दवाई नहीं खाई

विज्ञापन
विज्ञापन
रोगियों का होगा कंट्रोल रूम से आधार लिंक
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर।
ट्यूबरक्लोसिस और एचआईवी से पीड़ित हैं और आप दवाई खाना भूल गए या चूक कर गए हैं तो सरकार याद दिलाएगी। ऐसे मरीजों से दिल्ली में बैठे अधिकारी इलाज का फीड बैक लेंगे। कंट्रोल रूम से कॉल आएगी और उपचार के साथ तमाम सुविधाओं की बाबत पूछा जाएगा। इसके लिए रोगी के आधार कार्ड को कंट्रोल रूम से लिंक किया जाएगा।
केंद्र सरकार टीबी फ्री इंडिया कैंपेंन के लक्ष्य पर कार्य कर रही है। अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के आधार कार्ड को (डॉट 99) से लिंक कराया गया है। पहले चरण में उन रोगियों पर निगाह रखी जा रही है, जिनमें टीबी के साथ एचआईवी एड्स के भी लक्षण मिले हैं। इनका विशेष उपचार कार्ड बनाया जाएगा। उपचाराधीन रोगी को रोजाना दवाई खाने के बाद टेबलेट के रेपर से निकले नंबर पर मिस्ड कॉल करनी होगी। इससे प्रूफ होगा कि रोगी ने दवाई खाली है। यदि किसी रोज मिस्ड कॉल नहीं आई तो उपचार में रुकावट माना जाएगा। इस पर दिल्ली में बने कंट्रोल रूम से अधिकारी रोगी के मोबाइल नंबर पर कॉल कर दवाई खाना याद दिलाएंगे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। हालांकि जिले में अभी तक टीबी के 4700 से अधिक मिल गए हैं। इन मरीजों में अब विभाग टीबी के साथ अनेक जांच शुरू करेगी। एचआईवी के लक्षणों की भी जांच के लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। डीटीओ लोकेश गुप्ता ने बताया कि कुछ रोगियों के उपचार को आधार कार्ड लिंक से किया गया है। टीबी के साथ एचआईवी पॉजिटिव रोगियों को दिल्ली से कॉल कर दवाई याद दिलाई जाएगी। इसका उद्देश्य रोगियों में निरंतर दवा खाने के साथ उन्हें स्वस्थ रहने के उपाय बताए जाएंगे।
विज्ञापन

एनआईटी में ट्रेनिंग पर गए कर्मचारी
मुजफ्फरनगर। टीबी के जड़ से खात्मे और कार्यक्रम की बारीकियों को समझाने के लिए केंद्र सरकार ने चार दिन की ट्रेनिंग रखी है। इसके लिए यूपी से चार कर्मचारी चुने गए हैं। इनमें जनपद से अतुल भारद्वाज, आगरा से सीनियर लैब टेक्नीशियन पंकज लभानिया, बिजनौर से अरविंद कुमार और कानपुर से नेशनल ट्यूबरक्लोसिस इंस्टीट्यूट (एनआईटी) में ट्रेनिंग मिलेगी, ताकि कार्यक्रम को अधिक बेहतर से सुचारु किया जा सके। यह सभी रविवार को रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन

दो सौ से अधिक डाट्स सेंटर
मुजफ्फरनगर। जनपद में टीबी के मरीजों को उपचार देने के लिए 200 से अधिक स्थानों पर डाट्स सेंटर बनाए गए हैं। डायरेक्टली आब्जर्ड ट्रीटमेंट शार्ट कोर्स कीमोथैरेपी (डाट्स) पर करीब 4700 से अधिक मरीजों को टीबी की दवाई मुहैया कराई जा रही है। डाट्स सेंटर के लिए आंगनबाड़ी, आशा और अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें