फर्जी निकली गैंगरेप की कहानी
मीरापुर (मुजफ्फरनगर) । ककरौली थाना क्षेत्र के गांव की एक महिला की ओर से दर्ज कराया गया गैंगरेप का मुकदमा जांच में फर्जी निकला है। चौरावाला गांव के ही दो लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते महिला को 15 हजार रुपये में रेप का मामला दर्ज कराने के लिए तैयार किया था। महिला और उसके साथियों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर 182 की कार्रवाई की गई है।
इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार तीन बजे गांव निवासी एक महिला ने गांव की एक अन्य महिला के साथ थाने आकर गांव के अफसर और मतलूब के विरुद्ध गैंगरेप करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने कथित पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जानसठ भेजा था। मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि नहीं होने पर पुलिस ने महिला से कड़ी पूछताछ की। कुछ ही समय में महिला टूट गई और पुलिस के सामने सारी कहानी उगल दी। महिला ने बताया कि गांव चौरावाला निवासी गुलशेर और मोनिश की अफसर एवं मतलूब से चुनावी रंजिश चल रही है। गुलशेर ने गांव के दीपक और एक अन्य महिला की मदद से उसे 15 हजार रुपये अफसर और मतलूब के विरुद्ध गैंगरेप का मामला दर्ज कराने के लिए तैयार किया। योजना के मुताबिक बुधवार दोपहर बाद महिला को बाइक पर डिगडेहरा गांव के जंगल में लाया गया और वहां उसकी चूड़ियां तोड़कर डाल दी। बाद में महिला खुद थाने पहुंची और गैंगरेप की झूठी कहानी पुलिस को सुना दी। पुलिस ने दर्ज मुकदमे को खारिज कर कथित पीड़िता और उसके तीन अन्य साथियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
युवती को बेचने का आरोप
मीरापुर। गांव केथौड़ा निवासी एक युवती ने अपने पिता पर उसे 20 हजार रुपये में बेचने का आरोप लगाकर थाने में तहरीर दी। पीड़िता का आरोप है कि वह अपने पिता की पहली पत्नी की संतान है। मां के मरने के बाद उसके पिता ने दूसरा निकाह कर लिया था। आरोप है कि पिता उसे किसी अंजान आदमी को 20 हजार रुपये मे बेचने की तैयारी कर ली। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।