एचआईवी-टीबी के मरीज को करनी थी कॉल
मुजफ्फरनरगर। टीबी के साथ एचआईवी पॉजीटिव के मरीजों को मिस्ड कॉल करनी होगी। जिले में मिस्ड कॉल करने में करीब 400 से अधिक टीबी के मरीज मोबाइल से हाथ खाली हैं। इसको लेकर विभाग परेशान है। टीबी के मरीजों के कार्ड को आधार कार्ड से लिंक किया गया है। इसकी डिटेल क्षय रोग विभाग द्वारा केंद्र और प्रदेश सरकार को ऑनलाइन भेजी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 तक देश को (क्षय रोग) टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए टेक्निकल एवं आप्रेशनल गाइड के तहत चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी गई है। साथ ही अस्पताल से उपचाराधीन मरीजों के कार्ड को आधार से लिंक कराया गया है। आधार लिंक होने के पीछे मरीजों से इलाज का फीडबैक लेने के साथ ही उपचार की बारीकियों को जाना जाएगा। पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाकर मरीजों को दवा दी जाएगी। खास यह है कि जिस मरीज को टीबी और एचआईवी दोनों हैं। ऐसे मरीज दवा खाने के बाद शासन ने टोल फ्री नंबर पर कॉल करेंगे। जिले में 3883 महिला पुरुष और 252 बच्चे टीबी से वर्ष 2016 में पीड़ित मिले हैं। इनमें से करीब 400 से अधिक लोगों के हाथ में मोबाइल नहीं है, जिसके चलते मिस्ड कॉल करने में बाधा उत्पन्न हो गई है। क्षय रोग विभाग के सुपरवाइजर डॉ विपिन कुमार ने बताया कि मरीजों का आधार कार्ड लिंक किया गया है। एचआईवी और टीबी के मरीजों को मिस्ड काल करने की योजना है, लेकिन कुछ मरीजों ने मोबाइल न होने की शिकायत दर्ज कराई है।