फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यावरण बचाने को वन पुरूष बने प्रेमचन्द

विज्ञापन
विज्ञापन
पर्यावरण के लिए वन पुरुष बने प्रेमचंद्र
विज्ञापन

मोरना (मुजफ्फरनगर)। पर्यावरण बचाने को अपना जीवन समर्पित करने वाले अमरावती निवासी प्रेमचंद्र धार्मिक स्थलों के साथ-साथ प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों और सरकारी स्थलों पर पौधारोपण कर रहे हैं। उन्होंने शादी समारोह में कन्यादान के साथ पौधों का दान देकर अनूठी पहल की है।
विज्ञापन

शुक्रताल के शुकदेव आश्रम में महाराष्ट्र के अमरावती शहर से आए प्रेमचंद चुन्नीलाल गुप्ता को महाराष्ट्र शासन ने वन्य जीव पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया है। उन्होंने अपने गुरू बजरंग महाराज उपाध्याय के साथ देश के चारों धामों, शिक्षण संस्थाओं और उच्च सरकारी संस्थाओं में लाखों पौधे रोपे हैं। शुकदेव आश्रम के संस्कृत विद्यालय में स्वामी ओमानंद महाराज के सानिध्य में उन्होंने बरगद का पौधा रोपित किया। पर्यावरण मानव के रूप में प्रसिद्ध प्रेमचंद ने बताया कि मुनेश लाचुर संघ अमरावती से यात्रा पर निकले हैं। नागपुर वन भवन के पीसीएफ प्रधान वन संरक्षक नितिन काकोड़ ने अधिकारियों के साथ जत्थे को हरी दिखा कर रवाना किया। उन्होंने इलाहाबाद संगम जमना बैंक रोड काली मंदिर के बागीचे में बरगद, नीम, पीपल त्रिवेणी पौधों को लगाया। जौनपुर में जामुन के दो पौधे शादी में दान दिए। अयोध्या में बेल, खंडचका, जामुन, लखनऊ के राजभवन में वन महोत्सव में राज्यपाल राम नाईक को नीम का पौधा दिया। नेमीशारण्य लक्ष्मी नारायण मंदिर में दशाश्वमेघ, खंडचक्की के पौधों को लगाया। चारों धामों में 11 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। 25 साल के इस अथक प्रयास से मानव जाति और धरा को हरा भरा रखने के लिए लगातार यात्राएं कर रहे हैं। गले में वृक्ष बचाओ, धरती बचाओ की प्लेट को डालकर यात्रा करते हैं। इस मौके पर आश्रम के आचार्य उत्प्रेती, आचार्य श्याम, आचार्य कृष्ण, प्रधान नीरज रायल, अचल शास्त्री आदि ने वन पुरुष का स्वगत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें