प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धर्म सिंह सैनी ने कहा कि सभी जिला मुख्यालयों पर आयुर्वेद के 50 बेड के अस्पताल बनाए जाएंगे। पहली किश्त में केंद्र सरकार ने 16 जिलों के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी है। पांच सालों में सभी जिलों में अस्पताल चालू हो जाएंगे।
महाराजा शूर सैनी जयंती समारोह में भाग लेने आए डॉ धर्मसिंह सैनी ने कहा कि सपा सरकार में प्रदेश में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा पद्धति की हालत बेहद खराब हो गई थी। बिगड़ी हुई व्यवस्था को ठीक करने में थोड़ा समय लगेगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार आयुर्वेद को लेकर गंभीर है। यह भारतीय चिकित्सा पद्धति है और अत्यंत प्राचीन है। बहुत से असाध्य रोगों का उपचार इस पद्धति में है। इस पद्धति को बढ़ावा देने और आखिरी व्यक्ति तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 50 बेड का एक अस्पताल खोल रही है, जिससे गंभीर बीमारों को भर्ती कराकर उनका उपचार किया जा सके।
16 जिलों के लिए केंद्र सरकार ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। प्रतिवर्ष इसी तरह अस्पतालों का निर्माण होगा। पांच साल में सभी जिला मुख्यालयों पर अस्पतालों का निर्माण करा दिया जाएगा। सैनी ने कहा कि प्रदेश के आयुष चिकित्सकों और कर्मचारियों की बड़े स्तर पर कमी है।
लोक सेवा आयोग जल्द ही चिकित्सकों की भर्ती करेगा। कर्मचारियों की भर्ती प्रदेश सरकार 2018 में कर देगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की भर्ती हो जाने के बाद व्यवस्था में और सुधार आएगा। मरीजों को उपचार का बेहतर लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार सभी को सस्ता और बेहतर इलाज दिलाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बदलने में थोड़ा समय और लग सकता है।
प्रतिस्पर्धा के दौर अच्छे स्कूलों में दिलाएं शिक्षा
प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धर्मसिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा के बिना कोई भी समाज तरक्की नहीं कर सकता। अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाएं। प्रतिस्पर्धा के इस माहौल में समाज के बच्चों को आईएएस और पीसीएस में अपनी योग्यता सिद्ध करनी होगी। समाज की एकता के दम पर ही प्रदेश में पहली बार हमें उपमुख्यमंत्री मिला है।
महाराजा सैनी जयंती समारोह में मुख्य अतिथि डॉ धर्म सिंह सैनी ने कहा कि समाज की एकता की शक्ति से ही राजनीति में ताकत मिलती है। देश में पिछड़ों की संख्या सबसे ज्यादा है और पिछड़ों में सैनी समाज की संख्या सर्वाधिक है। समाज की एकता के बल पर पहली बार हमें प्रदेश में उप मुख्यमंत्री मिला है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर ध्यान देना होगा। समाज के अधिकारी अधिक होंगे तो समाज पर कहीं भी अन्याय नहीं हो पाएगा। यह मनोवैज्ञानिक दबाव है कि जिस जाति का डीएम और एसएसपी है, उस जाति के व्यक्ति पर अत्याचार करता हुआ हर कोई डरता है। चांदपुर विधायक कमलेश सैनी ने कहा कि हमारा इतिहास गौरवशाली है। हमारी जाति न्यायप्रिय है। समाज के लोगों को संघर्ष के दम पर राजनीति में अपनी पहचान बनानी चाहिए।
शिक्षा के साथ संघर्ष भी जरूरी है। खतौली विधायक विक्रम सैनी ने कहा कि वह समाज का कर्ज सात जन्मों तक नहीं उतार सकता, लेकिन वह जातिवाद के खिलाफ हैं। हमें सभी को साथ लेकर राजनीति में आगे बढ़ना है। पूर्व मंत्री ताराचंद शास्त्री, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य ब्रजराज सैनी, हरिद्वार की भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ कल्पना सैनी, ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के प्रदेश अध्यक्ष ओमपाल सैनी, जिलाध्यक्ष नाहर सिंह सैनी, प्रदीप सैनी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी, सत्यदेव सैनी, अजय सैनी, डॉ सुषमा सैनी, एमआर सैनी, सुरेंद्र सैनी, संजीव सैनी, कविता सैनी, अजय सैनी, सीमा सैनी, जगदीश प्रसाद आदि ने विचार रखे।
अध्यक्षता चरणसिंह, संचालन कृष्णपाल सैनी और शीशपाल सैनी ने किया। उत्तर प्रदेश सैनी संगठन ने समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अलंकृत किया। धावक अर्पिता सैनी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इससे पूर्व यज्ञ हवन किया गया। सावित्री देवी और नैनसिंह सैनी यजमान रहे। डॉ महावीर सिंह सैनी और दिलेराम सैनी ने यज्ञ कराया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय सैनी युवा पंचायत हरियाणा के अध्यक्ष मंजीत सिंह कटारिया ने किया। सैनी युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुभाषचंद सैनी ने सभी का आभार जताया।
लड़कियां मंजिल सैनी से लें प्रेरणा
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री डॉ धर्मसिंह सैनी ने समाज की लड़कियों से कहा कि वह आगे बढ़ने के लिए मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी से प्रेरणा लें। टारगेट बनाकर तैयारी करें तो मंजिल दूर नहीं है।