धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए : महाराज
शाहपुर। जैन धर्मशाला में आयोजित वरिष्ठ नागरिकों की विचार गोष्ठी में तीन दिवसीय प्रवास पर पधारे राष्ट्र संत आचार्य 108 श्री ज्ञानसागरजी महाराज ने कहा कि राजनीति पर धर्म का अंकुश उतना ही जरूरी है, जिस तरह से हाथी को नियंत्रण रखने के लिए महावत को अपने हाथ में अंकुश रखना होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हमारा देश अनेकता में एकता का स्वरूप लिए है। विदेशों में भी लोग मांसाहार को छोड़ शाकाहार को अपना रहे हैं। अपने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने व फास्ट फूड से बचाने का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि सभी लोग रात 10 बजे के बाद अपना फोन बंद रखें तथा मोबाइल से दूर रहे। लोगों को सचेत करते हुए कहा कि राजनीति के चक्कर में आपसी संबंध खराब न करें तथा आपसी सौहार्द बनाए रखें। सात्विक भोजन अपनाने व सादगी से परिपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे देश की 90 से अधिक जेलों में प्रवचन कर चुके हैं, जिससे वहां रह रहे कैदियों में परिवर्तन हुआ। धर्म से पहले राष्ट्र को प्राथमिकता होनी चाहिए। साध्वी अनीता दीदी ने अपने प्रवचन के दौरान आचार्य श्री ज्ञान सागरजी महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी महिमा का गुणगान किया। इस दौरान विधायक उमेश मलिक, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमेश सैनी, थाना प्रभारी विजयबहादुर सिंह, मनोज सिंघल, श्यामपाल सिंघल, बालेश जैन, पवन गोयल, मणिकांत, कपिल सैनी, प्रमोद गर्ग, शिवम सिंघल, जितेंद्र, नोशाद मलिक, हर्षित जैन, सत्यवीर आर्य, उमेश मित्तल, वैभव जैन, संजीव जैन, सतीश जैन, अनुज अग्रवाल, डॉ शाहिद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।