मोरना। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम में संत, महात्माओं के सानिध्य में आचार्य, ब्रह्मचारियों और श्रद्धालुओं ने प्रेम, सद्भावना से रंगोत्सव मनाया। तीर्थ के मंदिरों, धर्मशालाओं में यज्ञ, सत्संग तथा अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
शुकतीर्थ के शुकदेव आश्रम में फाग उत्सव पर प्राकृतिक रंग-गुलाल से होली मनाई गई। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि होली पर्व भक्त और भक्ति की असत्य पर जीत का प्रतीक है। वसंतोत्सव भारत की प्राकृतिक संपदा और सौंदर्य की गरिमा से जुड़ा है। दुर्भावनाओं का त्याग कर सद्भावनाओं को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। बताया कि होली का पर्व हमारी कुलषित अंत: चेतना एवं तामसिक प्रवृत्तियों को शुद्ध, सात्विक, पवित्र बनाने को प्रेरित करता है। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य ज्ञान प्रकाश, कथा व्यास अंचल शास्त्री, हर्ष मणि, राजू आदि मौजूद रहे। रंगोत्सव पर तीर्थ में श्रद्धालुओं को भीड़ रही।