बुढ़ाना। कोतवाली के उपनिरीक्षक द्वारा तहसील के अधिवक्ता की पत्नी और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने तथा मकान का ताला तोड़ने से नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील में हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सभी कार्यालयों और न्यायालयों का बहिष्कार कर हड़ताल की। अधिवक्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे एसपी देहात ने वार्ता की, लेकिन वह बेनतीजा रही। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषण की।
कस्बा निवासी अलीम अहमद बुढ़ाना तहसील में वकील हैं। बुढ़ाना कोतवाली में किसी मामले में कस्बे के छह अन्य के अलावा उनके भाई मुरसलीन केे खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज है। मुरसलीन ने हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे लिया है। स्टे की कॉपी कोतवाली व उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। स्टे की कॉपी मिलने के बाद भी कोतवाली के उपनिरीक्षक सोबीर नागर ने मुरसलीन के घर दबिश दी। उसके घर न मिलने पर परिवार से अलग रह रहे मुरसलीन के भाई के घर भी उपनिरीक्षक ने दबिश दी। आरोप है कि उनकी गैर मौजूदगी में पत्नी और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पुलिस ने घर का ताला भी तोड़ दिया। इसी बात से नाराज वकीलों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय में जमकर हंगामा किया। तहसील के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया और कामकाज ठप कर तहसील परिसर में धरना दिया। पुलिस प्रशासन और उपनिरीक्षक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
घटना की सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर प्रभाकर कैंतुरा व क्राइम इंस्पेक्टर जयभगवान सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। वकीलों के साथ वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। एसपी देहात आलोक शर्मा वकीलों के बीच धरने पर पहुंच गए। पूर्व मंत्री व रालोद नेता योगराज सिंह भी पहुंचे। वकीलों के साथ एसपी देहात की लंबी वार्ता असफल रही। एसपी देहात ने आरोपी उपनिरीक्षक को सात दिन की छुट्टी भेजकर उसके खिलाफ जांच करवाकर कार्रवाई करने की बात कही। अधिवक्ताओं ने आरोपी उपनिरीक्षक के स्थानांतरण की मांग पर अडिग रहे। एसपी देहात के साथ वार्ता विफल होने पर सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार बार एसोसिएशन बुढ़ाना के अध्यक्ष बाबू सिंह राठी ने अनिश्चित कालीन आंदोलन की घोषणा की। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उपनिरीक्षक का स्थानांतरण नहीं होगा वे न्यायालयों में काम नहीं करेंगे। इस मौके पर बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।