जाम के झाम से मिलेगी निजात
मंसूरपुर। रेलवे फाटक पर फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसके बनने से क्षेत्रवासियों को जाम से निजात मिल सकेगी। फ्लाईओवर के निर्माण अवधि में एक साल की देरी हुई है। अब कभी भी इसके लोकार्पण की तिथि घोषित हो सकती है।
मंसूरपुर रेलवे फाटक पर उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम द्वारा फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया है। इसका शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 19 जुलाई 2016 को लखनऊ में किया था। इसके निर्माण की लागत 23 करोड़ चार लाख 37 हजार थी। इसकी कुल लंबाई 580 मीटर है। रेलवे फाटक के ऊपर 57 मीटर पर पुल का निर्माण रेलवे विभाग ने किया है। सेतु निगम के जेई मोहम्मद हुसैन ने बताया कि फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। अभी इसके लोकार्पण की तिथि घोषित नहीं की गई है। उम्मीद है जल्दी ही इसका लोकार्पण किया जाएगा। फ्लाईओवर के निर्माण में देरी के सवाल पर जेई ने बताया कि फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास बनाने का कार्य चल रहा है, उसमें अभी भी गतिरोध बना हुआ है। इसी के चलते फ्लाईओवर के निर्माण में भी लगभग एक साल की देरी हुई। उधर, इस फ्लाईओवर के बन जाने से आए दिन रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। कई घंटे रेलवे फाटक फाटक के बंद हो जाने से दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती थी। स्कूली वाहन तथा अन्य वाहन जाम में फंस जाते थे। शुगर मिल से गन्ना डालकर खाली वाहन भी जाम के कारण फस जाते थे, लेकिन अब फ्लाईओवर के बन जाने से उन्हें भी निजात मिलेगी।
किसानों के सामने समस्या अभी भी बरकरार
मंसूरपुर। रेलवे फाटक पर पुल के बन जाने से शुगर मिल में गन्ना लाने वाले किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, उनकी समस्या अभी भी बरकरार है। किसानों का कहना है कि फ्लाईओवर के ऊपर से ट्रैक्टर ट्रॉली तो आ सकती हैं, लेकिन गन्ने से भरी भैंसा बुग्गी फ्लाईओवर के ऊपर से नहीं आ सकेगी। उधर, रेलवे विभाग का कहना है कि फ्लाईओवर के बन जाने के बाद जिस प्रकार से दूसरी जगह फाटक बंद किए गए हैं, यहां भी फाटक बंद कर दिए जाएंगे। जहां एक तरफ फ्लाईओवर बन जाने से क्षेत्र में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर भैंसा बुग्गी में मिल में गन्ना लाने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है।