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डीसीडीएफ के चेयरमैन के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति

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डीसीडीएफ के चेयरमैन के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति
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मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी विकास संघ के डायरेक्टर के चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसके बाद चेयरमैन का चुनाव होगा। भाजपा ने इस बार चेयरमैन पर अपना कब्जा करने के लिए रणनीति तैयार कर ली है। शामली के भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार डीसीडीएफ के चेयरमैन बन सकते हैं।
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डीसीडीएफ के 13 संचालकों के चुनाव की प्रक्रिया इस समय चल रही है। संचालक मंडल में कुल 15 सदस्य होंगे। इनमें एक सदस्य शासन से नामित होगा और एक सदस्य एआर कॉपरेटिव होते हैं। 13 संचालकों का सीधे चुनाव होता है। संचालकों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नामांकन पत्रों की जांच में सभी 37 प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए। 19 अप्रैल को नाम वापसी होगी। मुजफ्फरनगर और शामली के छह क्षेत्रों में संचालकों का निर्विरोध चुना जाना तय है, क्योंकि यहां पर केवल एक ही नामांकन हुआ है। निर्विरोध जीतने वालों में शामली के भाजपा के जिलाध्यक्ष पवन तरार भी हैं। डीसीडीएफ चुनाव को लेकर भाजपा ने रणनीति बना ली है। पार्टी की अंदरूनी राजनीति के तहत डीसीडीएफ के चेयरमैन का पद शामली जिले को और सहकारी बैंक के चेयरमैन का पद मुजफ्फरनगर जिले के पास रहेगा। डीसीडीएफ के चेयरमैन पद पर पवन तरार का नाम जहां तय माना जा रहा है, वहीं जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन पद पर पूर्व जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल सत्तासीन हो सकते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी ने दावा किया कि डीसीडीएफ और जिला सहकारी बैंक में भाजपा ही जीतेगी। पार्टी ने दोनो चुनावों को लेकर पूरी तैयारी कर रखी है।
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