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भाजपा ने पूरे मंडल को किया दरकिनार

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भाजपा ने पूरे मंडल को किया दरकिनार
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मुजफ्फरनगर। पहले राज्यसभा और अब विधान परिषद में भाजपा ने प्रत्याशी चुनने में पूरे मंडल को दरकिनार कर दिया है। विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं पा सके पार्टी कई वरिष्ठ नेताओं को घोषित सूची में नाम नहीं आने पर मायूसी मिली है। सूबे में 13 एमएलसी की सीटों पर 26 अप्रैल को चुनाव प्रस्तावित है।
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भाजपा ने विधान परिषद चुनाव में अपने प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, उसमें मंडल के तीनों जिलों से किसी को भी उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। पिछले कई माह से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी अपने तरीके से एमएलसी बनने की जुगत में लगे थे। आरएसएस के समक्ष भी प्रत्याशी बनने की चाह रखने वालों ने अपनी पैरवी कर रखी थी। खासकर अति पिछड़ी जाति के कई नाम लामबंदी में लगे दिखाई दिए, जिनमें प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगदीश पांचाल एवं पूर्व जिलाध्यक्ष सतपाल पाल के नाम प्रमुख है। पूर्व विधायक अशोक कंसल ने भी विधान परिषद में जाने की तैयारी कर रखी थी। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और वर्तमान में आयुर्वेद चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ सुभाषचंद शर्मा ने भी अपनी दावेदारी कर रखी थी। प्रदेश में भाजपा ने जिन दस प्रत्याशियों को एमएलसी चुनाव में टिकट दिया है, उनमें सहारनपुर मंडल से कोई भाजपाई नहीं लिया गया है। भाजपा के टिकट पर सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सैनी का नाम संभावित प्रत्याशियों में सबसे आगे था, लेकिन वह भी दौड़ से बाहर हो गए। पार्टी ने कैराना उपचुनाव से पहले एमएलसी चुनने को लेकर मंडल में कोई दांव नहीं खेला है। राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा ने मंडल से किसी को उम्मीदवार नहीं बनाया था। पार्टी की रणनीति का फायदा मेरठ मंडल को मिला है। पहले राज्यसभा सांसद कांता कर्दम और विजयपाल तोमर बनाये गये, जबकि अब डॉ सरोजनी अग्रवाल को पुन: एमएलसी बनने का मौका मिलेगा।
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