पीएचसी पर 25 जनवरी से दर्ज नहीं कोई मरीज
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर उपचार के लिए व्यवस्था करने में जुटी है, लेकिन स्वास्थ्य मशीनरी इससे इत्तेफाक नहीं रखती है। सीएमओ के छापे में विभागीय चिकित्सकों, स्टाफ की कार्य प्रणाली की पोल खुल गई। गांव तिस्सा में बनी पीएचसी पर 25 जनवरी से ओपीडी में एक भी मरीज की एंट्री नहीं मिली है। यहां तैनात चिकित्सक बिना बताए गैरहाजिर हैं, जबकि स्टाफ का भी कुछ अता-पता नहीं मिल सका है। सीएमओ ने प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
मोरना क्षेत्र के गांव तिस्सा में ग्रामीणों को उपचार देने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बनी हुई है, ताकि छोटी बीमारियों में लोगों को इलाज यहीं मिल जाए। कई रोज से सीएमओ को चिकित्सक के नहीं बैठने की शिकायत मिल रही थी। इस पर सोमवार दोपहर सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने दलबल के साथ पीएचसी पर छापा मारा। पीएचसी पर तैनात डॉ चारुल मौर्या गायब मिली। जांच की गई तो 26 जनवरी से चिकित्सका बिना बताए अवकाश पर हैं। इस पर सीएमओ अन्य स्टाफ आदि की जांच की गई। यहां तैनात वार्ड और कर्मचारी अनुज और अनिल भी बिना किसी को बताए अस्पताल से गायब पाए गए। खास यह है कि अस्पताल की ओपीडी में 25 जनवरी से किसी मरीज की एंट्री नहीं मिली है। ओटी, कमरों में धूल के गुब्बार मिले। इस पर सीएमओ का पारा चढ़ गया। सीएमओ डॉ मिश्रा ने प्रभारी चिकित्सक डॉ चारुल मौर्या को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन रोकने के आदेश दिए हैं, जबकि अन्य कर्मचारी अनुज, अनिल से भी जवाब मांगा गया है।
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