वेदानुकूल आचरण से स्थापित होगी समानता और मानवता
खतौली (मुजफ्फरनगर)। भैंसी गांव में आयोजित तीन दिवसीय यजुर्वेद परायण यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर राष्ट्र और समाज की समृद्धि, शांति और जन कल्याण की कामना की गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि आचरण की पवित्रता से समाज में सत्य, न्याय, समानता और मानवता स्थापित होगी।
यजुर्वेद परायण यज्ञ अनुष्ठान में वैदिक संस्कृति के संवर्द्धन का संकल्प लिया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वेदानुकूल आचरण के बिना समाज और राष्ट्र में धर्म, न्याय, सत्य की स्थापना होगी। मनुष्य के धर्म की कसौटी आस्था या विश्वास नहीं, बल्कि आचरण है। यज्ञ और योग भारत की वैदिक परंपरा है। भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के लिए वैदिक संस्कृति से जोड़ें। आचार्य अरविंद शास्त्री ने कहा कि वेद ईश्वरीय वाणी है। मानसिक, आत्मिक और चारित्रिक उन्नति के लिए वैदिक ज्ञान के पथ पर अग्रसर होना चाहिए। आचार्य गुरुवचन शास्त्री, विजय पाल शास्त्री, ऋषिराज ने विचार रखे। यज्ञमान मनोज और नरेंद्र आर्य सपत्नीक रहे। संयोजक चौधरी खिलारी सिंह एवं राजपाल आर्य ने अतिथियों का सम्मान किया। ऋषिपाल, जसवीर राणा, नरेंद्र कुमार, प्रमोद अहलावत, जयप्रकाश शास्त्री आदि मौजूद रहे।