सहकारी बैंक के किसान ऋण माफी की सूची से बाहर
मुजफ्फरनगर।
प्रदेश सरकार की फसली ऋण माफी योजना में साधन सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों के किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। प्रशासन ने शासन को जो दूसरी सूची भेजी है, उसमें भी सहकारिता से जुड़े किसानों का नाम शामिल नहीं है। सहकारी बैंकों के दस हजार किसान ऐसे हैं, जो पात्रता की श्रेणी में आते हैं। दूसरी सूची में जिले के 19 बैंकों के 13,800 किसानों को शामिल किया गया है। छूट का पैसा शासन से सीधे इनके बैंक खातों में जारी हो जाएगा।
सरकार की फसली ऋण माफी योजना का लाभ सहकारी बैंकों से जुड़े किसानों को नहीं मिल पा रहा है। जिले में एक लाख 26 हजार 401 किसानों को योजना में शामिल किया गया। इनमें से अधिकतम किसान ऐसे थे, जो समय पर अपना पैसा पहले ही जमा कर चुके हैं। कुछ किसान ऐसे हैं, जिन्होंने दो जगह से ऋण लिया हुआ है। ऐसे किसानों को पात्रता की सूची से बाहर कर दिया गया। छंटनी के बाद लगभग 35000 किसान ऐसे सामने आए हैं, जो फसली ऋण माफी के पात्र हैं। इन सबके बैंक खातों को आधार से लिंक कराया गया है। तहसील और बैंकों की जांच के बाद फाइनल सूची तैयार हो रही है। जिला प्रशासन ने पहली सूची में 11,147 किसानों का 85 करोड़ का ऋण माफ किया है। इन किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए हैं। इस सूची में सहकारी बैंक के किसान शामिल नहीं थे।
प्रशासन ने अब दूसरी सूची शासन को भेजी है। इस सूची में 19 बैंकों के 13,800 किसानों का 103 करोड़ माफ किया जा रहा है। शासन से यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगा। दूसरी सूची में भी जिला सहकारी बैंक शामिल नहीं हैं। जिला सहकारी बैंक जिले का तीसरे नंबर का और ग्रामीण क्षेत्र पीएनबी के बाद दूसरे नंबर का बैंक है, जिसमें किसान सबसे ज्यादा लेनदेन करता है। सूची में नाम नहीं आने से इस बैंक से जुड़े किसानों को बड़ा धक्का लगा है। सीडीओ अंकित अग्रवाल से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तीसरी सूची बाकी है, जो किसान बचे हैं वह अंतिम सूची में आएंगे।
किस बैंक का कितना माफ हुआ
मुजफ्फरनगर। जिला प्रशासन की दूसरी सूची में इलाहाबाद बैंक के 351 किसानों, आंध्रा बैंक के 25, एक्सिस बैंक के एक, बैंक ऑफ बड़ौदा के 39, बैंक ऑफ इंडिया के 53, कैनरा बैंक के 304, सेंट्रल बैंक के 395, कॉरपोरेशन बैंक के 32, आईडीबीआई बैंक के आठ, इंडियन बैंक के 177, ओबीसी के 859, पंजाब एंड सिंध बैंक के 609, पीएनबी के 5941, एसबीआई के 3775, सर्वयूपी ग्रामीण बैंक के 438, सिंडीकेट के नौ, यूको बैंक के 103, यूनियन बैंक के 680, विजया बैंक के एक किसान का ऋण माफ हुआ है। इसमें पीएनबी के किसानों का सबसे ज्यादा 43 करोड़ 57 लाख 71 हजार माफ हुआ है। दूसरे स्थान एसबीआई के किसानों का 28 करोड़ पांच लाख माफ हुआ है। तीसरे स्थान पर ओबीसी के किसानों का सात करोड़ 37 लाख माफ हुआ हैं। सबसे कम एक्सिस और विजया बैंक के एक-एक किसान का एक-एक लाख माफ हुआ है।