जिले की भैसाना चीनी मिल के लिए योगी सरकार का फरमान कोई मायने नहीं रखता है। चेतावनी के बाद भी मिल ने किसानों के भुगतान में कोई तेजी नहीं दिखाई है। जिले की समस्त चीनी मिलों पर जहां चार अरब 42 करोड़ बकाया है, वहीं अकेली भैसाना चीनी मिल पर दो अरब 67 करोड़ बाकी है।
जनपद में आठ चीनी मिले हैं। सभी चीनी मिलों पर किसानों ने अब तक 21 अरब 70 करोड़ 27 लाख 54 हजार का गन्ना डाला है। चीनी मिलें अब तक 17 अरब 28 करोड़ 13 लाख 42 हजार का भुगतान कर चुकी हैं। मिलों पर चार अरब 42 करोड़ 14 लाख 12 हजार बकाया है। रोहाना, मंसूरपुर, खतौली, टिकौला और मोरना चीनी मिल किसानों का भुगतान 14 दिन से पहले कर रही है।
भैसाना, खाईखेड़ी और तितावी चीनी मिल ही ऐसी हैं, जो भुगतान में पिछड़ी हुई हैं। इनमें सबसे ज्यादा हालत खराब भैसाना की है। इस पर कुल दो अरब 67 करोड़ 22 लाख का बकाया है। इनमें 14 दिन से पहला ही दो अरब 37 करोड़ 27 लाख है। खाईखेड़ी चीनी मिल पर कुल 46 करोड़ 86 लाख बकाया है, इनमें 14 दिन से पहले का 34 करोड़ पांच लाख है।
तितावी चीनी मिल पर कुल 40 करोड़ 57 लाख बकाया है, इनमें 14 दिन पहले तक का छह करोड़ 68 लाख बकाया है। उधर, जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि मिल मालिकों पर समय से भुगतान के लिए दबाव बनाया हुआ है। भैसाना चीनी मिल को सरकार ने 23 अप्रैल तक समस्त भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इस बीच भुगतान नहीं हुआ तो सीधे कार्रवाई होगी।