मुजफ्फरनगर। साधन सहकारी समितियों से जुड़े लगभग 32 हजार किसानों को प्रदेश सरकार की कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इन किसानों का 150 करोड़ माफ होगा। इनमें चार हजार किसान वह भी हैं, जिनकी आरसी जारी हो चुकी है। इन किसानों पर 17 करोड़ बकाया है। साधन सहकारी समितियों में किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक मिलता है। समितियों में एक लाख तक का ऋण ही किसानों को मिल पाता है।
मुजफ्फरनगर और शामली जिले में 97 साधन सहकारी समिति हैं। इनमें 68 मुजफ्फरनगर और 29 शामली जिले में हैं। ये सभी समितियां जिला सहकारी बैंकों से जुड़ी हैं। सहकारी बैंक की 44 ब्रांच हैं, इनमें 35 मुजफ्फरनगर और नौ शामली जिले में हैं। दोनों जिलों की समितियों से कुल एक लाख 59 हजार किसान जुडे़ हैं। इनमें एक लाख 35 हजार सक्रिय हैं। समितियों ने जिले के किसानों को कुल 700 करोड़ कर्ज सहकारी बैंक के माध्यम से दे रखा है। एक किसान को अधिकतम एक लाख का ऋण ही समिति देती है। प्रदेश सरकार के कर्ज माफी के बाद जिला सहकारी बैंक के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनमें जिले में 150 करोड़ रुपये के लगभग माफ होंगे। 31 मार्च 2016 तक जिन किसानों को पैसा रुका है, उसमें लगभग 32 हजार किसान सामने आ रहे हैं। इनमें चार हजार किसान ऐसे भी हैं, जिनके मामले आरसी कटने के बाद तहसीलों में जा चुके हैं। इन चार हजार किसानों पर समितियों का लगभग 17 करोड़ बकाया है। यह सब भी माफ हो जाएगा।
शासन से गाइड लाइन नहीं मिली
मुजफ्फरनगर। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक अनुराग अवस्थी का कहना है कि हमारे यहां किसानों के कर्ज के लगभग 150 करोड़ माफ होंगे। अभी शासन से गाइड लाइन अभी नहीं आई है। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, जो घोषणा सरकार ने की है, उसके हिसाब से लगभग 32 हजार किसान कर्जमाफी की श्रेणी में आ रहे हैं।
किसानों पर 3459 करोड़ का फसली ऋण
मुजफ्फरनगर। जिले के लीड बैंक मैनेजर शशि जैन ने बताया कि जिले के समस्त किसानों पर सभी बैंकों का 3459 करोड़ का कर्ज फसली ऋण के रूप में हैं। प्रदेश सरकार की घोषण के बाद अभी कोई गाइड लाइन नहीं आ पाई है। हमारे जिले में घोषणा के हिसाब से 15-20 प्रतिशत किसान ही कर्जमाफी की श्रेणी में आ पाएंगे। सभी बैंक डाटा तैयार करने में लगे हुए हैं।