मुजफ्फरनगर। हिंदू धर्म की काल गणना पर विचार विमर्श के उपरांत पंडितों ने वक्तव्य दिया है कि प्रदोष काल में बुधवार शाम पांच से 35 मिनट तक होलिका दहन करना फलदायी होगा। इस दिन प्रात:काल से होलिका पूजन करने से प्रभु की कृपा प्राप्त होगी। भक्त को सुख समृद्धि प्राप्त होगी।
दालमंडी में मंगलवार को शहर के काफी पंडित जुटे और होलिका पूजन, होलिका दहन के समय पर विचार विमर्श किया। पंडित आशीष वशिष्ठ, श्याम शंकर मिश्रा, राजेश मिश्रा, संतोष कुमार उपाध्याय, पंडित मनोज कुमार, पंडित विनोद, पंडित कमलेश तिवारी, पंडित अवदेश, पंडित विमल ने धार्मिक काल गणना के अनुसार चर्चा की।
आशीष वशिष्ठ ने बताया कि 23 मार्च को प्रात:काल से होलिका पूजन करना कल्याणकारी रहेगा। इसमें नए धान और अन्न के साथ लकड़ी जरूर चढ़ाएं।
पूजन सामग्री में रोली, चावल, कलावा, कच्चा सूत, हल्दी, मूंज बताशे इत्यादि शामिल करें। होलिका दहन प्रदोष काल में करना फलदायी होगा। यह शुभ समय शाम पांच से पांच बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इसके बाद सांयकाल में 7:45 बजे तक होलिका दहन किया जा सकता है।
होली पर राशि के हिसाब से रंगों का प्रयोग श्रेष्ठ
मेष ः गुलाबी, पीला और हरा।
वृष ः पीला, गुलाबी, हल्का नीला।
मिथुन ः हल्का हरा, नारंगी, पीला।
कर्क ः सभी हल्के रंगों का प्रयोग।
सिंह ः पीले, हल्के लाल, गुलाबी।
कन्या ः हरा और हल्का पीला।
तुला ः गुलाबी।
वृश्चिक ः आसमानी, लाल।
धनु ः नारंगी, गहरा गुलाबी।
मकर ः हरा रंग।
कुंभ ः नीला, भूरा रंग।
मीन ः हरा, नीला, पीला।