बनते ही चोक हुई 32 करोड़ की सीवर लाइन
मुजफ्फरनगर। नगर में बिछाई गई सीवर लाइन कनेक्शन होते ही चोक हो गई। करीब 32 करोड़ की लागत से बिछाई गई सीवर लाइन से मेनहॉल से पानी ओवरफ्लो हो रहा है। इससे जहां सड़कें टूट रही हैं वहीं परियोजना के औचित्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग इस परियोजना के शुरू होते ही फेल हो जाने को लेकर चर्चा करने लगे हैं।
नगर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन बिछाई गई है। नगर के पश्चिमी जोन में बनाई गई इस परियोजना की लागत करीब 32 करोड़ रुपये है। परियोजना में 9400 मीटर बंद सीवर लाइन को खोला गया तथा दस किलोमीटर क्षतिग्रस्त पाइपों को बदला भी गया। वर्तमान में लगभग 47 घरों को सीवर लाइन से कनेक्ट कर दिया गया है, लेकिन कनेक्शन होते ही सीवर लाइन ओवरफ्लो हो गई। पुरानी घास मंडी, सरवट गेट, हंडिया मोहल्ला, अंसारी रोड पर बने मेनहॉल से कई दिनों से पानी ओवरफ्लो होकर निकल रहा है। इससे सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। बारिश के दौरान तो रुड़की रोड समेत सीवर लाइन के अधिकांश मेनहॉल से पानी ओवरफ्लो होकर निकलता रहता है। सीवर लाइन की यह दशा देख लोग इसके औचित्य पर सवाल खड़े करने लगे हैं। घासमंडी रोड के दुकानदार शमशाद और विनय बताते हैं कि बीते कई दिनों से मेनहॉल ओवरफ्लो हो रहा है। इससे सड़क भी टूट गई है।
अभी तक परेशानी झेल रहे नागरिक
मुजफ्फरनगर। सीवर लाइन कार्य के चलते नागरिकों ने करीब एक साल तक अनेक मुसीबतें झेली हैं। सीवर लाइन डालने के लिए सड़कों को खोद डाला गया। इससे महीनों तक विभिन्न मार्गों पर आवागमन बाधित रहा। बरसात के दिनों में गलियां कीचड़ से सराबोर रहीं। अंसारी रोड समेत आसपास की सभी सड़कें महीनों तक बंद रही। अभी भी कई गलियों में सड़कें टूटी पड़ी हैं। इतनी मुसीबतें झेलने के बावजूद सीवर लाइन का नागरिकों को कोई फायदा नहीं मिला।
एक सप्ताह में सब कुछ हो जाएगा ठीक
मुजफ्फरनगर। जल निगम के अधिशासी अभियंता राजीव त्यागी कहते हैं कि सीवर लाइन चोक नहीं हुई है और न ही पाइपों का आकार छोटा है। दरअसल कुछ घरों का बारिश का पानी भी सीवर लाइन में डाल दिया गया है। इसके अतिरिक्त अभी दक्षिणी कृष्णापुरी में स्थित पंपिंग सेट भी चालू नहीं हुआ। जब उसमें पानी ज्यादा हो जाता है तो सीवर लाइन का पानी आगे नहीं जा पाता। इससे मेन हॉल से निकलने लगता है। एक सप्ताह में सब कुछ ठीक करा दिया जाएगा।