दोषी छोड़े न जाते तो दंगा न होता: बालियान
मुजफ्फरनगर। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा सांसद डॉ संजीव बालियान ने कहा कि कवाल कांड के पीड़ितों को न्याय मिला है। न्यायालय से इन लोगों को उम्मीद थी जो पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि कवाल की घटना के दिन अपराधी नहीं छोड़े जाते तो दंगा न होता। दंगे के लिए तत्कालीन सरकार और पुलिस-प्रशासन जिम्मेदार है। न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं।
साजिश के तहत की गई थी हत्या
मुजफ्फरनगर। विहिप नेत्री साध्वी प्राची का कहना है कि गौरव और सचिन की हत्या सजिश के तहत की गई थी। यह बेहद दुखद घटना थी। उन्हें सरकार और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। परिवार को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने भी लड़ाई लड़ी। सपा सरकार ने मुझ साध्वी को भी इस मामले में फंसवाया था। इसका खामियाजा अब भी भुगतना पड़ रहा है। मेरा पासपोर्ट तक नहीं बन पाया।
घटना सभ्य समाज के लिए कलंक थी: मलिक
मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना के भाजपा विधायक उमेश मलिक ने कहा कि दोषियों ने जो गुनाह किया, अदालत ने किए की सजा सुनाई है। पुलिस की जांच और साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही यह फैसला आया है। कवाल की घटना सभ्य समाज के लिए कलंक थी।