एनआईए की जांच को लेकर जनपद में भी खलबली
मुजफ्फरनगर। आतंकी मॉड्यूल को लेकर सूबे के कई जिलों में शुरू हुई एनआईए की जांच व संदिग्धों की धरपकड़ को लेकर जनपद में भी सनसनी का माहौल रहा। जांच की जद में निकटवर्ती शामली, मेरठ व हापुड़ जनपद भी होने से स्थानीय स्तर पर भी अलर्ट की स्थिति रही। हालांकि इस सरगर्मी के बावजूद जनपद मुजफ्फरनगर में इस आतंकी मॉड्यूल की मौजूदगी के किसी तरह के संकेत नहीं मिले, जिसके चलते अफसरों के साथ ही खुफिया विभाग ने भी राहत की सांस ली।
एनआईए की कई टीमों ने आतंकी गतिविधियों के इनपुट मिलने के बाद बुधवार को सूबे के कई जिलों में करीब 17 स्थानों पर जबरदस्त धरपकड़ व जांच अभियान चलाया था। खासकर पश्चिमी यूपी के जनपद मेरठ, शामली व हापुड़ में एनआईए टीम की जबरदस्त धरपकड़ रही, जिसके चलते मुजफ्फरनगर में भी दिनभर सनसनी फैली रही। हालांकि शाम तक भी स्थानीय स्तर पर किसी तरह का आतंकी इनपुट जिले से नहीं मिलने के कारण अफसरों के साथ ही खुफिया इकाइयों ने भी राहत की सांस ली।
आतंकी संगठन को फंडिंग का हो चुका है भंडाफोड़
मुजफ्फरनगर। जनपद में आतंकी मॉड्यूल की मौजूदगी के मामले में भले ही जनपद मुजफ्फरनगर इस बार पाक साफ रहा हो, लेकिन इससे पहले शहर से आतंकी संगठन की आर्थिक फंडिंग का भंडाफोड़ हो चुका है। इस मामले में एनआईए ने करीब एक साल पूर्व शहर के सर्राफा बाजार में जबरदस्त अभियान चलाया था, जिसमें चर्चित सर्राफ आदीश जैन समेत दो सर्राफा कारोबारी गिरफ्तार किए गए थे। उक्त दोनों सर्राफ अब तक जेल की सलाखों के पीछे ही हैं। इससे पहले चरथावल के गांव कुल्हेड़ी के एक मदरसे से भी आतंकी की गिरफ्तारी की जा चुकी है।