खतौली। गांव तिगाई में पिछले 15 दिनों से अज्ञात गर्भवती बंगाली महिला दर दर भटक रही थी। ग्रामीणों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो, जनपद की सामाजिक संस्था ने इसको गंभीरता से लिया। संस्था की ओर से उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत की गई। जिसके बाद पुलिस ने गर्भवती महिला को शहर के महिला थाने में पहुंचा। महिला थाने से इस महिला को नारी निकेतन भेज दिया गया है। खतौली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है।
बता दें कि गांव तिगाई में पिछले 15 दिनों से एक अज्ञात गर्भवती महिला आशियाने की तलाश में दर दर भटक रही थी। गांव के ही जिम्मेदार और महिलाओं के प्रति संवेदना रखने वाले गांव के ही संदीप सिंह ने थाने को भी सूचित किया था, लेकिन पुलिस विभाग ने इस महिला की सुध नहीं ली। संदीप सिंह ने सामाजिक संस्था लोक आस्था जान कल्याण समिति की प्रदेश अध्यक्षा को उक्त महिला की सभी जानकारियों से अवगत कराया। संस्था के सचिव सुनील कुमार वर्मा ने खतौली थाने के प्रभारी निरीक्षक को भी अज्ञात महिला की सभी जानकारियां उपलब्ध कराते हुये संरक्षण देने की बात कही। लेकिन कोई भी पुलिस कर्मचारी महिला की सुध लेने गांव नहीं पंहुचा। जिस पर संस्था के सचिव सुनील वर्मा ने इसकी जानकारी डीएम व एसएसपी को मेल भेजकर महिला का फोटो उपलब्ध कराया गया। साथ ही अधिकारियों से अज्ञात गर्भवती महिला की सुरक्षा प्रदान कर अपना घर आश्रम में संरक्षण दिलाए जाने की मांग की। अवगत कराया गया कि उक्त अज्ञात महिला की भाषा से प्रतीत होता है कि वह बंगाली है। जिसकी भाषा स्थानीय लोगों की समझ में नहीं आती। ये भी सोचनीय विषय है कि इस महिला के साथ कुछ दुष्ट लोगों ने दुष्कर्म करके इसे गर्भवती कर दिया गया है या फिर किसी व्यक्ति द्वारा शादी के नाम पर इस महिला को धोखा देकर सडक़ों पर दर दर भटकने को मजबूर कर दिया गया है। बोलचाल की भाषा समझ में नहीं आने से महिला के साथ हुई घटना का पता नहीं चल रहा है। बताया गया है कि महिला का दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं है। जिससे इसके साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है। इसी बात के डर से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। यह महिला खाने की तलाश में सडक़ों पर पड़े कूड़े के ढ़ेर में खाना तलाश करती है। फिलहाल इस महिला की गांव के जिम्मेदार लोग देखभाल कर रहे हैं। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि महिला को शहर के महिला थाने में भेज दिया गया है। महिला थाने से महिला को नारी निकेतन भेज दिया गया।