संतोषतनक जवाब नहीं मिलने पर पंजीकरण होगा रद्द
मुजफ्फरनगर। शासन के आदेश पर स्कूली वाहनों की सामूहिक फिटनेस जांच की गई। इस दौरान दर्जनों वाहनों में खामियां मिली है, जिस पर स्कूल प्रबंधनों, वाहन स्वामी को सुधार के लिए कहा गया है, जबकि जांच में शामिल नहीं होने वाले करीब 110 वाहनों को नोटिस भेजा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर वाहन का पंजीकरण निरस्त किया जाएगा, जिन वाहनों में खामियां मिली है, उन्हें पांच दिन बाद फिर से बुलाया गया है।
परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्कूलों के नए सत्र प्रारंभ होने से पहले वाहनों की फिटनेस के साथ तमाम जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते नगर क्षेत्र के करीब सैकड़ों स्कूलों को सूचना देकर वाहनों को रविवार को नुमाइश मैदान में बुलाया गया। नगर क्षेत्र में करीब 300 स्कूली वाहन संचालित है, जिनमें मिनी बस, टाटा मैजिक, बस आदि चलाई जा रही है। रविवार को सामूहिक जांच-पड़ताल में 192 वाहन शामिल हुए, जिनकी जांच के लिए एआरटीओ प्रवर्तन सुरेंद्र सिंह, एआरटीओ राजीव कुमार बंसल की अलग-अलग टीमों ने कार्य किया। जांच में 136 वाहन फिटनेस पर खरे पाए गए हैं, जबकि 56 वाहनों में खामियां मिली है। इनमें सीट, शीशों, नंबर प्लेट, इंडीकेटर के साथ कई स्तर पर कमी पाई गई। इस पर एआरटीओ की ओर से संबंधित स्कूल प्रबंधनों, वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर पांच दिन में सुधार के निर्देश दिए गए हैं। इन्हें खामियां दूर करने के बाद पांच दिन में दोबारा जांच करानी होगी। उधर, करीब 110 स्कूली वाहन फिटनेस जांच को नहीं पहुुंचे हैं। इन पर विभागीय अधिकारियों की नजरें टेढ़ी हो गई है। इन वाहनों के स्वामियों, स्कूलों को नोटिस भेजकर कारण पूछा गया है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एआरटीओ स्तर से इनके पंजीकरण को निरस्त किया जाएगा। एआरटीओ राजीव बंसल ने बताया कि स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच की गई है, दर्जनों वाहनों में खामियां मिली।, जिन्हें दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जो वाहन नहीं आए उनके मालिकों कस्त्रत्ते नोटिस भेजा गया है।
वाहनों में नहीं मिला फर्स्ट-एड बॉक्स
मुजफ्फरनगर। एआरटीओ की जांच में सामने आया है कि दर्जनों वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स के साथ इमरजेंसी नंबर भी लिखे नहीं मिले हैं। यह विशेष सुविधाओं में शामिल है। वाहनों में इस कमी विभाग ने गंभीर माना है। जिसके चलते करीब 25 से 27 वाहनों के स्वामियों को कड़ी फटकार लगाकर मौके पर ही जवाब तलब किया गया। इन दोनों सुविधाओं की पूर्ति कर विभाग को सूचित करने के लिए कहा गया है।
चालकों से यातायात की ली जानकारी
मुजफ्फरनगर। स्कूली वाहनों के चालकों से भी विभागीय अधिकारियों ने यातायात संबंधित जानकारियां ली है। बच्चों से भरे वाहनों को चलाने, भीड़ वाले स्थान से ले जाने के साथ ओवरटेक, मार्ग पर जाम, मुश्किल घड़ी में बच्चों की सुरक्षा आदि के बारे में विस्तार से पूछा गया। इस पर कई चालक सही जवाब नहीं दे पाए हैं। इन्हें विभाग विशेष कार्यशाला चलाकर यातायात के प्रति ट्रेंड करेगा।