मानव जाति का कल्याण शिक्षा से ही संभव-ओमानंद
मोरना। चौधरी सुमेर सिंह पब्लिक स्कूल एंड स्पोर्ट्स एकेडमी का शुभारंभ करते हुए स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य ये शहरों में बहुत है, लेकिन इनकी जरूरत ग्रामीण अंचल के गांवों में भी है। मानव जाति का कल्याण केवल शिक्षा से ही संभव है।
शुक्रताल में स्कूल के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि शुकदेव आश्रम पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि शिक्षा ऋषि ब्रह्मलीन स्वामी कल्याण देव गुरु महाराज के सपने साकार होते देख अपार खुशी होती है। उनकी जलाई ज्योति से हजारों रोशनी की किरण अब ग्रामीण अंचल के गरीब, निर्धन बच्चों के बीच शिक्षा की अलख जगा रही है। शिक्षा के उत्थान के किए जाने वाला धन कई गुणा होकर सुख समृद्धि बनकर देने वाला होता है। शिक्षा मानव जाति के लिए एक महत्वपूर्ण नित उपयोगी अनिवार्य अंग के साथ-साथ संजीवनी है। वह दुर्गति से बचाती है। भारत को विश्व की बौद्धिक महाशक्ति बनाने के लिए गुणवत्ता युक्त शिक्षा आधारित ग्रामीण विकास की आवश्यकता है। अध्यक्षता करते हुए स्वामी महानंद महाराज ने कहा कि शिक्षा से विचार उत्पन्न होते हैं। उच्च विचारों से महान कार्य होते हैं। महान कार्यों से उच्च राष्ट्र का निर्माण होता है, इसलिए यहां पर शिक्षा अनिवार्य है। सबसे ऊंचा दान है विद्या दान। संचालन स्वामी अजय कृष्ण आचार्य ने किया। इससे पूर्व आचार्य गिरीशचंद उत्प्रेती के सानिध्य में वैदिक मंत्रोचारण के बीच हवन यज्ञ में पूर्ण आहुति देते हूए स्वामी ओमानंद सरस्वती ने दीप प्रज्वलित करते हुए एकेडमी का शुभारंभ किया। प्रबंधक अनित सैनी, सुबोध, मांगेराम, ज्ञानसिंह, राजपाल प्रधान, सुशील, मनोज, शोकिंद्र, ब्रहम सिंह, सोमपाल आदि मौजूद रहे। आयोजन में प्रधानाचार्या रश्मि चौधरी, मनीष शिवाजी, पिंकी, स्वाति, सुनीता, सोनिया, आकाश, सोनम, पूजा आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।