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कड़ी सुरक्षा में हुई अमरेश की श्रद्धांजलि सभा

Fri, 06 Apr 2018 12:18 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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अमरेश की श्रद्धांजलि सभा में मौजूद क्षेत्रीय लोग। - फोटो : अमर उजाला
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दलितों के आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग में मरे अमरेश को श्रद्धांजलि गादला गांव में लोगों ने श्रद्धांजलि दी। बसपा नेताओं ने प्रशासन से कहा कि निर्दोष लोगों को जेल नहीं भेजा जाए तथा उपद्रव में पर्दे के पीछे काम करने वाले लोगों का पता लगाया जाए। दलित समाज कभी भी उपद्रवी नहीं हो सकता, यह कोई साजिश है जिसका पता लगाना चाहिए।
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 श्रद्धांजलि सभा में शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा दिलाए जाने की मांग की गई। उपस्थित लोगों ने अपनी ओर से 60 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी की। वक्ताओं ने सलाह दी है कि व्हाटसएप पर भड़काऊ पोस्ट डाली जा रही है उस पर ध्यान न दें। 

बता दें कि गांव गादला निवासी अमरेश पुत्र सुरेश की दो अप्रैल को शहर में हुए बवाल में गोली लगने से मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को अमरेश को श्रद्धांजलि देने के लिए रविदास मंदिर में शोक सभा का आयोजन हुआ। काफी संख्या में दलित समाज लोग शामिल हुए।  
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पूर्व सांसद राजपाल सैनी, पूर्व विधायक अनिल सिंह, प्रेमचंद गौतम, बसपा  जिलाध्यक्ष कमल गौतम, सत्यप्रकाश जोन कोआर्डिनेटर श्यामलाल प्रजापति ने भी अमरेश को श्रद्धांजलि दी। इन्होंने प्रशासन से कहा कि उपद्रव के नाम पर निर्दोष लोगों को जेल न भेजा जाए। हक के लिए सब लड़ाई लड़ते है और दलित समाज उपद्रवी नहीं हो सकता। कुछ असामाजिक लोगों द्वारा पर्दे के पीछे रहकर उपद्रव किया गया है।  

शोक सभा में पहुंचे लोगों ने 60 हजार रुपये की धनराशि एकत्र कर अमरेश के परिजनों की आर्थिक मदद की। तहसीलदार जानसठ पुष्कर नाथ चौधरी ने कहा कि आर्थिक मदद की बात अधिकारियों तक पहुंचायी जाएगी और जो संभव होगा किया जाएगा।

प्रधान अशोक कुमार, जगपाल सिंह, विजेपाल, मदन सिंह, विनोद कुमार, घनश्याम, धारा सिंह, संजय रवि, श्यामलाल प्रजापति, सतिश कुमार, राजकुमार, ब्रहमसिंह, सुरेश, मदन सिंह मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से एसपी देहात अजय सहदेव, सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप, सीओ भोपा मौहम्मद रिजवान, भोपा इंस्पेक्टर विजय सिंह, ककरौली, रामराज थाने का पुलिस बल के साथ ही आरएएफ के जवानो के साथ मौजूद रहे।  

महिलाओं ने किया हंगामा 
भोपा। मुआवजा की मांग को लेकर महिलाओं ने हंगामा किया। अमरेश की श्रद्धांजलि सभा में आई महिलाओं ने घर के बाहर खडे़ होकर मृतक अमरेश के परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग करते हुए हंगामा किया। महिलाओं का कहना था कि अब से पहले इस तरह के जो मामले हुए हैं, उनमें मदद दी गई है। मृतक अमरेश का परिवार बेहद गरीब है। इसलिए शासन प्रशासन को मृतक परिवार को 20 लाख का मुआवजा देना चाहिए। हंगामा कर रही महिलाओं को ग्रामीणों ने यह कह कर शांत किया कि अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया है। 

भय के कारण कम लोग शामिल हुए 
भोपा। मुजफ्फरनगर में बंद के दौरान उपद्रव मचाने वालों के खिलाफ पुलिस द्वारा उपद्रवी लोगों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही ताबड़तोड़ दबिश के कारण लोगों में पैदा हुए भय के कारण श्रद्धांजलि सभा में आने वाले लोगों की संख्या काफी कम रही, जबकि पुलिस प्रशासन का मानना था कि हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे। 

छोटा भाई नहीं आ सका विदेश से 
भोपा। मृतक अमरेश पिता सुरेश ने नम आंखों के साथ कहा कि उसका बेटा मजदूरी करने गया था, न जाने किस तरह वह बवाल के उस स्थान पर पहुंचा जहां से उसका लाल छिन गया।  उसका बेटा अपनी कौम के उत्थान व अधिकारों के लिए शहीद हो गया।

मृतक के भाई इंद्रेश व बहन का कहना है कि अमरेश की शादी को लेकर उन्हें बड़ी खुशी थी, जिसकी तैयारी में वह लगे हुए थे। अमरेश का रिश्ता पास के ही गांव मखियाली से तय हो गया था। श्रद्धांजलि सभा में लड़की पक्ष के भी लोग आए थे।

पिता का कहना है कि उसका छोटा बेटा दीपक विदेश गया हुआ है, जिसकी उम्र अभी कम है और तीन वर्ष बाद लौटेगा, वरना वह उसी स्थान से दीपक की शादी भी कर देते। पिता को दुख है कि दीपक विदेश में होने के कारण अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। परिजनों का रोते रोते बुरा हाल है। 

साथी भी हुए घायल 
भोपा। मृतक अमरेश को अस्पताल लेकर जाने वाले उसके अन्य साथियों को भी गंभीर चोटें आई हैं। अमरेश जब घायल पड़ा था तो उसे पास के ही गांव कसौली निवासी उसके क्रिकेट के साथी ने उठाया था। आधा दर्जन से भी अधिक गांव के युवक घायल बताए गए हैं। 
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