चुनाव से रोडवेज को लगा 10 लाख का फटका
मुजफ्फरनगर। नगरीय निकाय चुनाव के लिए द्वितीय चरण में 25 जनपदों में मतदान कराया गया। मतदान के समर में रोडवेज का सफर भी सिमट गया। रूटों पर बसें तो दौड़ी जरूर, लेकिन यात्रियों की संख्या 30 फीसदी भी नहीं रही। ऐसे में डिपो की आय पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा। चुनाव से रोडवेज पर 10 लाख रुपये का फटका लगा है। उधर, रेलवे का भी ऐसा ही हाल रहा। आम यात्रियों ने रविवार को कम ही सफर किया।
रविवार को जनपद के साथ गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, रामपुर, पीलीभीत, अलीगढ़, मथुरा, इलाहाबाद समेत 25 जिलों में मतदान रहा। डिपो की लंबी दूरी पर जाने वाली बसे भी अधिकांश इन्हीं जिलों से होकर चलती है। जबकि लोकल रूट पर रुड़की, सहारनपुर, हरिद्वार, गाजियाबाद, मेरठ आदि माने जाते हैं। रविवार को जिले की दस निकायों में मतदान होने से रोडवेज की आय पर भी प्रभाव पड़ा। नगर पंचायत क्षेत्रों से डिपो की बसों में 30 फीसदी भी यात्री नहीं पहुंचे। इसके चलते डिपो की आय पर प्रभाव पड़ा है। लंबी के अलावा लोकल भी बस खाली दौड़ी। आम दिनों में डिपो की रोजाना आए 23 लाख रुपये रहती है। रविवार को यह आंकड़ा 11 लाख को पार नहीं कर सका है। डिपो को मतदान के दिन 50 प्रतिशत आय का नुकसान उठाना पड़ा है। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि रविवार को मतदान के चलते अधिकांश बसे मार्ग पर खाली दौड़ी है। यात्रियों की संख्या कम रहने से आय पर प्रभाव पड़ा है। आम दिनों के मुकाबले रविवार को करीब दस लाख का असर पड़ा है।
चुनाव में लगाई गई 36 बसें
मुजफ्फरनगर। डिपो की करीब 16 बसे रविवार को चुनाव ड्यूटी में लगी रही। इससे बसों की संख्या कम होने के कारण अधिकांश को लंबी दूरी पर भेजी गई। वहीं, सोमवार को 24 बसे प्रशासन के लिए और 12 बसों को शामली के लिए प्रशासन ने अधिग्रहण किया है।