नगर निकाय चुनाव में प्रशासन बे-बस है। पोलिंग बूथ पर जाने के लिए टीम के पास वाहनों का टोटा है। वाहनों की कमी पूरी करने के लिए एआरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल 250 से अधिक मिनी बस, बस और छोटे वाहनों की कमी मानी गई है। जिसे लेकर एआरटीओ ने ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक कर वाहनों की जरूरत के आंकड़े बताए हैं। ट्रांसपोर्टर के प्रत्येक वाहन का खर्च डीएसओ विभाग से वसूला जाएगा।
जनपद की दो पालिका परिषद और आठ नगर पंचायतों के लिए 26 नवंबर को मतदान होगा। इसके लिए शहर में 348 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। खतौली में 60 मतदान स्थल बने हैं। जबकि नगर पंचायतों में चुनाव के लिए शाहपुर में 19 मतदान स्थल, पुरकाजी में 22, सिसौली में 15, जानसठ 20, भोकरहेड़ी में 13, चरथावल में 19, मीरापुर में 28 और बुढ़ाना में 38 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इन पोलिंग बूथों पर जाने के लिए प्रशासन की टीम बे-बस है। पोलिंग टीम को सुबह सवेरे मतदान केंद्रों पर भेजने के लिए बस, मिनी बस और छोटे-बड़े वाहनों की जरूरत होेेगी। इनकी पूर्ति करने के लिए एआरटीओ को जिम्मेदारी दी गई है। एआरटीओ प्रशासन के लिए बसों का इंतजाम करेगा। इसको लेकर एआरटीओ प्रवर्तन ने शहर के चरथावल बस स्टैंड, भोपा बस स्टैंड, जानसठ, मीरापुर, शामली बस स्टैंड आदि के ट्रांसपोर्टरों के साथ मीटिंग की है। एआरटीओ ने चुनाव को संपन्न कराने के लिए करीब 250 बसों की संभावित जरूरत बताई है। इसके लिए ट्रांसपोर्टरों को चेताया गया है। एआरटीओ राजीव कुमार बंसल ने बताया कि अभी डिमांड नहीं है, लेकिन चुनाव में बसों के इंतजाम के लिए ट्रांसपोर्टरों के साथ मीटिंग लेकर मंथन किया गया है। अधिग्रहित होने वाले प्रत्येक वाहन का खर्च जिला आपूर्ति विभाग वहन करेगा।