मुजफ्फरनगर। जिले के 31 इंटर कॉलेजों में शिक्षा ले रहे कक्षा छह से आठ तक के लगभग 30 हजार छात्र-छात्रा प्रदेश सरकार की ड्रेस, स्वेटर, जूते आदि की स्कीम से वंचित रह गए हैं। सरकार ने इस बार प्रत्येक छात्र के खातें में 11 सौ रुपये सीधे भेजे हैं। बीएसए के नोटिस के बाद भी इन कॉलेजों को बच्चों के हित की चिंता नहीं हुई।
जिले में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों और इंटरमीडिएट के कॉलेजों में कक्षा आठ तक के बच्चों की संख्या एक लाख 70 हजार है। प्रदेश सरकार कक्षा आठ तक के सभी बच्चों को ड्रेस, स्वेटर, जूते आदि का वितरण करती है। इस बार यह सब बाजार से खरीदने के लिए सभी छात्रों को 1100 के हिसाब से उनके खाते में भेजे जा रहे हैं। जनपद में एक लाख 15 हजार छात्रों के खातों में यह पैसा पहुंच गया है। 22 हजार छात्र-छात्राओं के खातों में पैसा भेजने की प्रक्रयिा चल रही है। इनमें ऐसे खाते अधिक थे जो आधार से लिंक नहीं थे। इनकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। चार हजार बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने स्कूल में प्रवेश लिया और बाद में छोड़ दिया। ऐसे ड्राप आउट बच्चों को भी पैसा नहीं मिल पाएगा। लगभग 30 हजार विद्यार्थी उन इंटर कॉलेजों के हैं जिनमें कक्षा छह से आठ तक के बच्चे पढते हैं। ऐसे विद्यालयों की संख्या 31 हैं। ऐसे विद्यालयों को बीएसए मायाराम नोटिस भेज चुके हैं, लेकिन इन विद्यालयों को बच्चो के हित से कोई मतलब नहीं है। विद्यालयों के द्वारा छात्रों की सूची अपलोड नहीं किए जाने से ये पैसा मिलने की प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हो पाए हैं।
नहीं मिल पाएगा छात्रों को लाभ
बीएसए मायाराम का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों के सभी बच्चों की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। 31 इंटर कॉलेजों के कक्षा आठ तक के छात्र प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं। विद्यालयों को नोटिस जारी करने के बाद भी छात्र संख्या साइट पर अपलोड नहीं की गई है।