मुजफ्फरनगर। मिड डे मील में मरा हुआ चूहा निकलने के बाद शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराना अफसरों के गले की फांस बन गया है। 75 इंटर कॉलेजों की जूनियर कक्षाओं के 28 हजार छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन नहीं मिला। स्कूलों के प्रधानाचार्य किसी भी सूरत में एनजीओ से भोजन वितरण कराने को तैयार नहीं हैं। अफसर इस प्रयास में हैं कि विद्यालयों में ही भोजन बनना शुरू हो जाए। शिक्षकों ने 15 दिसंबर से नामजद प्रधानाचार्य और शिक्षकों का नाम रिपोर्ट से नहीं निकालने पर विद्यालयों में तालाबंदी की चेतावनी दे रखी है।
तीन दिसंबर को मुस्तफाबाद पचैंडा के जनता इंटर कॉलेज में हापुड़ की जन कल्याण सेवा समिति द्वारा वितरित भोजन में मरा हुआ चूहा मिला था। इस मामले में अफसरों ने एनजीओ समेत प्रधानाचार्य विनोद कुमार, शिक्षक संजीव कुमार, मुन्नू प्रसाद एवं बबीता के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन चरथावल के गांधी इंटर कॉलेज में भोजन में भी चूहा निकलने की बात सामने आई थी। शिक्षकों पर रिपोर्ट से आक्रोशित अन्य स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने एनजीओ से मिड डे मील का वितरण बंद करा दिया। करीब आठ दिनों से जिले के 75 इंटर कॉलेजों की जूनियर कक्षाओं के 28 हजार विद्यार्थियों को दोपहर का भोजन नहीं मिल रहा है।
इस मामले में माध्यमिक शिक्षक संघ ने 15 दिसंबर से विद्यालयों में तालाबंदी की घोषणा कर रखी है। संघ के जिलाध्यक्ष शिवकुमार यादव ने बताया कि प्रस्तावित तालाबंदी यथावत है। जिले के किसी भी कॉलेज में भोजन का वितरण नहीं हो रहा। इस मामले में अधिकारियों ने भी जिले से एनजीओ की व्यवस्था को समाप्त करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। कोशिश की जा रही है कि भोजन विद्यालयों में ही बनना शुरू करा दिया जाए। उधर, बीएसए राम सागर पति त्रिपाठी ने भी मिड डे मील का वितरण शुरू कराने के लिए डीआईओएस को पत्र लिखा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 19 स्कूलों में बंट रहा भोजन
मुजफ्फरनगर। जिले में 44 ऐसे एडेड जूनियर हाईस्कूल हैं, जो बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं। इनमें से 25 ऐसे हैं, जिनमें स्कूल में ही भोजन तैयार कर छात्रों को दिया जाता है जबकि 19 में एनजीओ की सप्लाई है। बीएसए राम सागर प्रति त्रिपाठी ने बताया कि इन 19 स्कूलों में एनजीओ द्वारा भोजन का वितरण किया जा रहा है। विभाग इस प्रयास में हैं कि इन स्कूलों में भी भोजन बनना शुरू हो जाए।