गंदगी के बीच मुंह पर कपड़ा रखकर गुजरते नागरिक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ की हड़ताल से शहर में गंदगी फैलनी शुरू हो गई है। ईओ के वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से नाराज हड़ताली कर्मचारियों ने ईओ कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। ईओ के साथ दुर्व्यवहार भी किया। वहीं, ईओ ने संविदा पर कार्यरत 252 सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। ठेके पर काम करने वाले एक सौ कर्मचारियों का ठेका निरस्त करने की तैयारी की जा रही है।
बकाया वेतन सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी कामबंद हड़ताल पर हैं। नौ जनवरी से चल रही हड़ताल के चलते शहर में नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। शहर की कुछ गलियों और बाजारों में तो लोगों ने स्वयं सफाई की।
कूड़ा घरों से एटूजेड के माध्यम से कूड़ा हटवाया गया। नगर पालिका प्रशासन हड़ताल के बाद से सफाई कार्य में एटूजेड कंपनी का सहयोग ले रहा है। ठेके पर काम कर रहे 100 सफाईकर्मियों के काम पर नहीं आने से नाराज ईओ ने ठेकेदार को ठेका निरस्त करने के लिए नोटिस जारी कर दिया था।
इसके बाद बृहस्पतिवार को संविदा पर काम करने वाले 252 सफाईकर्मियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया। उनसे यह भी कहा गया कि वह लगातार काम से गैरहाजिर हैं, यदि वह काम पर नहीं लौटे तो उनकी संविदा निरस्त करने की कार्रवाई भी हो सकती है।
पालिका प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने से नाराज और मांग पूरी नहीं होने से गुस्साए सफाईकर्मियों ने ईओ विकास सेन का उनके कार्यालय में ही घेराव कर दिया। कर्मचारियों ने ईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
काफी देर तक उन्हें उनके दफ्तर में ही घेरे रखा। सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री मदनलाल ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, वह मानने वाले नहीं है। उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारी पालिका प्रशासन में हस्तक्षेप करना चाहते हैं। हड़ताल कर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। एटूजेड के कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है। हम पुलिस प्रशासन से एटूजेड की सुरक्षा की मांग करेंगे। साथ ही हड़ताल के दौरान की तनख्वाह किसी भी कर्मचारी को नहीं दी जाएगी
-विकास सैन, ईओ, नगर पालिका मुजफ्फरनगर।