सबके कल्याण का भाव सच्ची शिव भक्ति: आर्य
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज गांधी कॉलोनी में आयोजित ऋषि बोधत्सव शिवरात्रि पर्व पर यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ मानवमात्र के आत्मिक, आध्यात्मिक और शारीरिक लाभ की प्रभु से प्रार्थना की गई। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि सबके सुख, समृद्धि ओर कल्याण का भाव रखना शिव की सच्ची आराधना है।
गांधी कालोनी आर्य समाज में तीन दिवसीय ऋषि बोधत्सव पर्व के समापन कार्यक्रम में आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि मनुष्य ईश्वर से अपनी रक्षा की प्रार्थना करता है, वैसे ही दूसरों की रक्षा करें। किसी को दुख नहीं दें, सत्य बोले, माता-पिता की सेवा करें, देशभक्त बने, पवित्र आचरण करें आदि गुणों का शिवरात्रि पर संकल्प लेना सच्ची भक्ति है। शिव का अर्थ है, जो सबका कल्याण करता है। स्वामी चंद्रदेव ने परिवार में पांच यज्ञ की महिमा बताई। कहा कि ब्रहम, देव, पितृ, बलिवैश्वदेव, अतिथि यज्ञ जिन घरों में होता है, वहां देवत्व का भाव जाग्रत होता है। उत्तम व्यवहार, शिष्टाचार, संस्कार संतान को मिलते है। गृहस्थ में सुख, शांति रहती है। संगीता राठी ने प्रेरक भजन सुनाया।
इससे पूर्व, वेद मंत्रों से यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। ब्रह्मा सुरेंद्र कुमार शास्त्री तथा यज्ञमान हरभजन कौर एवं उद्यमी सरदार उजेन्द्र सिंह खुराना, मुकुल दुआ रहे। यज्ञमान को आचार्य ने वैदिक साहित्य भेंट किया। बहन गुरुशरण कौर, नीलम ढींगरा, उषा पटपटिया, बीना चौधरी, कमल अरोरा, नंदिनी आर्य, चंद्रवती चौधरी, प्रधानाचार्य इंदु भल्ला ने यज्ञ में आहुति दी। इंद्रपाल सिंह शास्त्री, डॉ. महावीर सिंह , गजेंद्र सिंह राणा ने विचार रखे। राकेश ढींगरा, धर्मवीर मानिक, ब्रजपाल तोमर, देवेंद्र सिंह राणा, अनिल ढींगरा, महेश भगत, अनिल कुमार कमांडो, नरेंद्र मलिक, विजय पाल, जवाहर लाल अरोरा, भूप सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन गजेंद्र सिंह राणा ने किया।