‘पाक को मिलना चाहिए मुंह तोड़ जवाब’
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पुलवामा में हुए आतंकी हमले से हर हिंदुस्तानी आक्रोशित है। सीआरपीएफ के जवानों की शहादत को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित कर नागरिक देश की एकता, अखंडता और देशभक्ति को एकजुट हैं। अब तक बहुत सह चुके हैं, वीर जवानों का बलिदान अब व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। आतंकियों और पाकिस्तान के मंसूबों का मुंहतोड़ जवाब दिया जाए। जम्मू कश्मीर में आखिर कब तक हमारे सैनिक शहीद होते रहेंगे। आतंकवादियों की नापाक करतूत से देशवासी खफा है। क्या है उनका नजरिया, प्रस्तुत है बातचीत के
हमला एक घृणित कार्य
आतंकवादी मानवता के दुश्मन है। पुलवामा में धोखे से भारतीय जवानों पर हमला घृणित कृत्य और घोर पापकर्म है। भारत सरकार राष्ट्रहित में पाक समर्थित आतंकवाद को जड़ से खत्म करने का निर्णायक कदम उठाए, ताकि भविष्य में कोई आतंकी ऐसा कुत्सित कृत्य नहीं कर सके। शहीद जवानों का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।- स्वामी ओमानंद, पीठाधीश्वर भागवत पीठ शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ।
केंद्र सरकार ले फैसला
जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को समाप्त करने को केंद्र सरकार कड़े फैसले करें। पाकिस्तान और आईएसआई सुधरने वाली नहीं है। देश में छिपी राष्ट्र विरोधी ताकतों को भी बेनकाब करना होगा। कब तक भारत के वीर सुपूतों का लहू बेवजह बहता रहेगा। - आचार्य गुरुदत्त आर्य, संयोजक वैदिक संस्कार चेतना अभियान।
आतंकी एक कलंक
आतंकी हमला इंसानियत पर कलंक है। हर भारतीय शहीद जवानों के परिवार के साथ खड़ा है। मातृभूमि की रक्षा को जिन वीर सपूतों ने बलिदान दिया, उन्हें विनम्र श्रद्धाजंलि। पाकिस्तान अपनी करतूत से बाज नहीं आ रहा है। आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध सेना को नई कार्य योजना बनाकर प्रहार करना होगा। - अनिल जिंदल, पूर्व अध्यक्ष, जिला बार संघ मुजफ्फरनगर।
पाक करा रहा हमले
तीन दशक से पाक आतंकी हमले करा कर भारत की संप्रभुता, राष्ट्रीय एकता को चुनौती दे रहा है। हजारों जांबाज सैनिक देश की खातिर अपनी जान की बाजी लगा चुके है। मुंबई हमले के बाद आतंकियों ने पुलवामा में सबसे बड़ा आत्मघाती हमला किया। नासूर बन चुके आतंक को मिटाने को केंद्र सरकार को कड़ी कार्यवाही करनी होगी। - गजेंद्र पाल सिंह, शिक्षाविद एवं पूर्व सदस्य नगर पालिका।
पाकिस्तान ऐसे नहीं सुधरेगा
कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमला साबित करता है कि पाकिस्तान सुधरना नहीं चाहता है। पुलवामा में जवानों के बलिदान के खिलाफ पूरा देश गुस्से में है। केंद्र सरकार से कठोर कार्रवाई की अपेक्षा स्वभाविक है। पाकिस्तान को सबक सिखाने के साथ देश की सुरक्षा में हर मोर्चे पर सख्ती बरतनी होगी। - नीरज शास्त्री, आयुर्वेदाचार्य, गांव मेघाखेड़ी