एसएसपी अनंतदेव को पराक्रम चक्र
मुजफ्फरनगर। चित्रकूट में नौ साल पूर्व हुई मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी कुख्यात घनश्याम केवट को मार गिराने पर एसएसपी अनंत देव को पराक्रम चक्र से नवाजा जाएगा। स्वतंत्रता दिवस पर एडीजी जोन उन्हें सम्मान प्रदान करेंगे। मुठभेड़ में शहीद हुए बागपत निवासी आरक्षी शमीम अली को भी मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा।
सूबे के जनपद चित्रकूट में 16 जून 2009 को एसटीएफ के साथ कुख्यात 50 हजारी घनश्याम केवट की मुठभेड़ हुई थी। उक्त मुठभेड़ में घनश्याम केवट को एसटीएफ ने मार गिराया था, जिसमें उस समय एसटीएफ में रहे और वर्तमान एसएसपी मुजफ्फरनगर अनंत देव का भी बड़ा योगदान रहा था। वहीं, मुठभेड़ में उस समय चित्रकूट एसओजी में तैनात रहे आरक्षी बागपत के बिनौली थाना क्षेत्र के गांव जोहड़ी निवासी शमीम अली शहीद हो गए थे। इनके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। कुख्यात का खात्मा करने पर आईपीएस अनंत देव और मुठभेड़ में शहीद हुए आरक्षी शमीम अली को पराक्रम चक्र की संस्तुति की गई थी, जिसे 30 जून 2014 को शासन स्तर से मंजूरी मिल गई थी। शासन की मंजूरी के बाद अब आकर घनश्याम केवट को मार गिराने वाले वर्तमान एसएसपी अनंत तिवारी को पराक्रम चक्र से नवाजे जाने की औपचारिक पुष्टि हो गई है। डीजीपी ऑफिस से आए पत्र के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस पर एडीजी जोन प्रशांत कुमार द्वारा उन्हें पराक्रम चक्र से नवाजा जाएगा। वहीं, मुठभेड़ में शहीद हुए बागपत के गांव जोहड़ी निवासी आरक्षी शमीम अली की पत्नी फरमाना को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।