आबकारी निरीक्षक ने ठेके के सामने पर्दे लगवाए
जानसठ। खतौली तिराहे पर लगे कांवड़ सेवा शिविर के पास शराब का ठेका खुला रहने से लोगों में रोष व्याप्त हो गया। शिकायत करने पर आबकारी निरीक्षक ने ठेके के सामने पर्दे लगवाए, तब कहीं जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
मंगलवार को पानीपत-खटीमा राजमार्ग खतौली तिराहे पर लगे कांवड़ सेवा शिविर के पास शराब का ठेका खुले होने से शिविर के आयोजनकर्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। आयोजनकर्ताओं ने इसकी शिकायत आबकारी निरीक्षक जय कमल कुलश्रेष्ठ को फोन करके दी। उन्होंने ठेके के पास लगे शिविर व पानीपत खटीमा राजमार्ग से गुजरने वाले हजारों कांवड़ियों को देखते हुए ठेके के सामने पर्दे लगवा दिए। शिकायत करने वालों में पप्पू फौजी, मूलचंद सैनी, सुभाष, टीटू, विकास गुप्ता, गोपाल सैनी, विकास विश्वकर्मा, अश्वनी शर्मा आदि कार्यकर्ताओं ने कावड़ यात्रा के दौरान शराब का ठेका बंद करवाने की मांग की थी।
दिल्ली के परिवार केकांवड़ियों का स्वागत
सिखेड़ा। बहादरपुर मोड़ पर दस वर्षों से लगने वाले कांवड़ सेवा शिविर में हरिद्वार से दिल्ली जा रहे परिवार के कांवड़िय़ों का स्वागत किया गया। शिविर संचालक डॉक्टर दानवीर ने बताया कि हरिद्वार से दिल्ली जा रहे भोले भटककर उनके कैंप में आ गए। उनके साथ 6 माह का छोटा भोला भी मौजूद था। पूछने पर पता चला कि दिल्ली की रहने वाली संगीता वर्मा ने पुत्र प्राप्ति के बाद कांवड़ चढ़ाने की मन्न मांगी थी। संगीता ने बताया कि मन्नत पूरी होने के बाद वह अपने छह माह के पुत्र अक्षय के साथ गंगाजल लेकर आ रहे हैं। शिविर में डॉक्टर दानवीर, शालुच, राजेंद्र सिंह और दारोगा सतपाल सिह ने नन्हे भोले अक्षय और उसके परिवार पर फूलों की वर्षा कर स्वागत सत्कार किया और उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर मेरठ रोड पर छोड़ दिया।