खतौली (मुजफ्फरनगर)। गंगनहर में नहाते वक्त डूबे वुशू खिलाड़ी अभिषेक शर्मा का शव चौथे दिन बाईपास पुल के पास झाड़ियों में फंसा मिला। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सरधना क्षेत्र में पैतृक गांव दौलतपुर ले गए और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।
मेरठ के थाना सरधना क्षेत्र के गांव दौलतपुर निवासी वीरेंद्र शर्मा मुजफ्फरनगर में डीसीडीएफ में कर्मचारी है। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर के थाना नई मंडी क्षेत्र के गांव कूकड़ा में रहते हैं। वीरेंद्र के मुताबिक उनका बड़ा पुत्र 21 वर्षीय अभिषेक शर्मा आठ जुलाई को दोस्तों के साथ खतौली आया था। यहां से घर जाते समय अभिषेक गंगनहर में नहाने के लिए रुक गया। दोस्तों ने उसे गंगनहर में नहाने से रोका भी था, लेकिन वह नहीं माना। नहाते समय वह पानी में समा गया। दोस्तों ने शोर भी मचाया, लेकिन तब तक वह डूब चुका था। पुलिस और परिजन उसी दिन से अभिषेक को तलाश करने में जुटे थे। एसएसपी के आदेश पर अभिषेक को तलाश कराने के लिए पीएसी के गोताखोरों को बुलवाया गया था। चौथे दिन बुधवार की सुबह अभिषेक का शव बाईपास पुल के साथ झाड़ियों में फंसा हुआ मिल गया। शव मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और पैतृक गांव दौलतपुर ले गए। यहां परिजनों और ग्रामीणों ने गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
20 को इलाहाबाद में इंटरनेशनल गेम्स में करता प्रतिभाग
खतौली। परिजनों ने बताया कि अभिषेक वुशू का नेशनल खिलाड़ी था। 20 जुलाई को इलाहाबाद में वुशू इंटरनेशनल प्रतियोगिता में भाग लेना था। जून में ही उसने भोपाल और इलाहाबाद समेत कई अन्य शहरों में वुशू प्रतियोगिता में भाग लेकर जनपद का मान बढ़ाया था। इंटरमीडिएट का छात्र अभिषेक के पैरों में चोट लगी थी। चिकित्सकों ने उसको सलाह दी थी कि अगर वह स्विमिंग पुल में तैरते हुए पैर हिलाएगा तो उसकी चोट ठीक हो जाएगी। इसलिए वह खतौली में स्विमिंग पुल में आठ जुलाई को दोस्तों को साथ लेकर नहाने के लिए चला आया था। पिता वीरेंद्र शर्मा और परिजनों के अलावा रिश्तेदारों को अभिषेक पर पूरा भरोसा था कि वह इलाहाबाद में जनपद व क्षेत्र का नाम रोशन करेगा। सभी उम्मीद अभिषेक की चिता के साथ दफन हो गई।