पेपर मिलों, इंडस्ट्रियों में प्रदूषण की जांच
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने जल निगम, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर कई पेपर मिलों, इंडस्ट्रियों का निरीक्षण किया। सभी स्थानों पर ईटीपी प्लांट के साथ दूषित जल की बाबत जांच की गई। आला अफसरों ने कार्रवाई करते हुए 20 इंडस्ट्रियों से जल के नमूने भरे हैं। इससे फैक्ट्री स्वामियों में हड़कंप मचा रहा।
जनपद में करीब 60 पेपर मिलों के साथ करीब 123 इंडस्ट्रियां संचालित हैं, जिनमें प्रतिदिन लाखों लीटर जल का वहन कर उत्पादकों की सफाई, धुलाई के अलावा अन्य कार्य होते हैं। ऐसे में इंडस्ट्रियों को दूषित को ईटीपी प्लांट लगाकर साफ करना होता है, ताकि वह पानी केमिकल मुक्त बन सके। उसके बाद ही पानी को बाहर बहाने के साथ भूगर्भ में छोड़ा जा सकता है। हाल ही में हिंडन और काली नदी की जांच में सामने आया है कि इंडस्ट्रियों से दूषित जल को सीधे प्रवाह किया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्रों के साथ फसलों पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। मामले में एनजीटी और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त है। सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से दो आला अधिकारियों ने क्षेत्रीय अधिकारियों, जल निगम के साथ शहर की कई पेपर मिलों के अलावा इंडस्ट्रियों का निरीक्षण किया। करीब 20 औद्योगिक इकाईओं पर कार्रवाई करते हुए जल के नमूने सुरक्षित किए गए हैं। इसके साथ इंडस्ट्रियों के स्वामियों को चेतावनी जारी की गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी विवेक राय ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड से टीम कार्रवाई कर रही है। सोमवार को जानसठ रोड और भोपा रोड की इंडिस्ट्रयों की जांच की गई है। यह जांच लगातार जारी रहेगी।