नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद किया
गंगोह। केंद्रीय आर्य शक्ति सभा एवं उत्तर प्रदेश जनजागरण मंच के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के महानायक एवं क्रांतिकारी नेताजी सुभाषचंद्र के देश के प्रति अमूल्य योगदान को याद किया गया।
आर्य भवन पर वैदिक यज्ञ के साथ हुए कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीर सिंह भावुक ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने भारत को आजाद कराने के लिए अंग्रेजों के खिलाफ आजाद हिंद फौज की स्थापना की और स्वयं सेना प्रमुख के रूप में पूर्ण भूमिका अदा की। युवाओं को प्रेरणा देते हुए नेताजी ने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का जोशपूर्ण नारा दिया। बताया कि उन्होंने अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में भारत का झंडा लहराया था। वास्तव में वह भारत की निर्वासित सरकार के प्रथम प्रधानमंत्री थे। 18 अगस्त 1945 को ताइवान में हवाई जहाज दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए तथा संभवत जापान के सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हुई। उनकी मृत्यु पर समय-2 रहस्य की बातें आती रहती हैं। कहा कि नेताजी ने भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्र कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। ऐसे भारतीय महानायक से राष्ट्र के प्रति समर्पण की युवाओं को प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए। जसवीर आर्य, महेंद्र आर्य, ओमप्रकाश आर्य, ब्रिजेश सैनी, मुकेश सैनी, संदीप तायल, अमन शर्मा, राजपाल कश्यप, सतकुमार वाल्मीकि, कंवरपाल विश्वकर्मा, मौलवी खालिद, सूफी तहसीन, राशिद अंसारी, सुदेश प्रभा सैनी, मधु आर्या, संतोष आदि रहे ।