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कोऑपरेटिव बैंक के किसान ऋणमाफी की सूची में नहीं

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कोऑपरेटिव बैंक के किसान ऋण माफी की सूची में नहीं
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मुजफ्फरनगर (मुजफ्फरनगर)। जिला प्रशासन ने फसली ऋण माफी योजना में किसानों की जो सूची शासन को भेजी है, उसमें जिला सहकारी बैंक का एक भी किसान शामिल नहीं है। ऋण माफी का जो पैसा समितियों में जाना था, अब सीधे किसानों के खातों में जाएगा। किसानों के फसली ऋण खातों की जांच के बाद एक लाख 26 हजार 401 किसानों में से 35. 233 किसान ही ऋण माफी के दायरे में आ पाए हैं।
जिला प्रशासन ने फसली ऋण माफी योजना की पहली सूची शासन को भेज दी है। इस सूची में 11,180 किसानों को शामिल किया गया है। इन किसानों के 58 करोड़ 81 लाख 34 हजार 647 रुपये माफ होंगे। जिन बैंकों के किसान इस सूची में शामिल हैं, उनमें इलाहाबाद बैंक के 546 किसान, आंध्रा बैंक के नौ, एक्सिस बैंक के 17, बैंक ऑफ बड़ौदा के 59, बैंक ऑफ इंडिया के 152, केनरा बैंक के 252, सेंट्रल बैंक के 569, कारपोरेशन बैंक के 201, देना बैंक के चार, आईडीबीआई के 55, इंडियन बैंक के 255, ओबीसी के 846, पीएसबी के 611, पीएनबी के 2018, एसबीआई के 2863, सर्वयूपी ग्रामीण बैंक के 2332, सिंडिकेट के 14, यूको बैंक के 72, यूनियन बैंक के 301, विजया बैंक के चार किसान शामिल हैं। सूची में कोऑपरेटिव बैंक, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक का एक भी किसान शामिल नहीं है। पहली सूची में उन्हीं किसानों को रखा गया है, जिनका आधार कार्ड पहले ही खाते से जुड़ा था। ऐसे किसान जिन पर तीन लाख से कम ऋण है, 30 बीघा से कम जमीन है और ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया है। किसानों का ऋणमाफी का पैसा पहले समितियों के माध्यम से उनके खातों में जाना था। सरकार ने अब सीधे उनके खातों में पैसा भेजने का निर्णय लिया है। जिले में किसान बड़ी संख्या में जिला सहकारी बैंक से ऋण लेते हैं।
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सहकारी बैंक के सीनियर फील्ड ऑफिसर रमेशचंद ने बताया कि सहकारी बैंक के लगभग 11 हजार किसान हैं, जो इस दायरे में आ रहे हैं। दूसरी सूची में नंबर आने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने सभी जांच के बाद 35,233 किसानों को फसली ऋण माफी योजना का पात्र माना है।
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एकाउंट खुले नहीं होने के कारण समस्या: जसवीर
मुजफ्फरनगर। जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने बताया कि पहली सूची में कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े किसानों का नाम नहीं आ पाया है। इसका कारण यह है कि समितियों में किसानों के एकाउंट खुले हुए नहीं हैं, जिस दिन शत प्रतिशत किसानों के एकाउंट खुल जाएंगे, योजना का लाभ मिल जाएगा। पात्रता की सूची में आने के बाद भी सहकारी बैंकों के 448 किसानों का नाम पहली सूची में नहीं दिया जा सका है।
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