बुढ़ाना। आचार्य रत्न ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि संतान माता-पिता के संस्कारों के आधार पर जन्म लेती हैं। रावण के घर में राम कभी पैदा नहीं होते। उन्होंने कहा कि गर्भ के दौरान माताएं और बहनें टीवी, मोबाइल का पूरी तरह से त्याग करें। प्रवचन सुनें, अच्छा सोचे, फास्ट फूड का सेवन बिल्कुल न करें।
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में श्री मज्जिनेंद्र पंचक कल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गर्भकल्याणक पूर्व रूप विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। आचार्य रत्न जैन मुनि ने गर्भ कल्याणक के 16 स्वप्नों का विस्तार से वर्णन किया। कहा कि गर्भ के दौरान माता व बहनों को फास्ट फूड का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इस दौरान प्रवचन सुनें और अच्छा सोचें। संस्कारवान माता-पिता ही अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दे सकते हैं। कहा कि रावण जैसे कार्य करने वाले के घर में राम कभी पैदा नहीं होते। रावण बनकर कोई भी बच्चों राम नहीं बना सकता। उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि में राम नहीं हूं फिर क्यूूं उम्मीद करूं सीता की। महिलाओं को बताया कि गर्भ के दौरान उन्हें टीवी व मोबाइल का परहेज करना चाहिए। टीवी व मोबाइल की अश्लीलता का सीधा प्रभाव आपके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है। मोबाइल व टीवी की रेडिएशन से आपको और बच्चे की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
स्मार्ट फोन के प्रयोग से सर्वाइकल व माइग्रेन जैसी खतरनाक बीमारी लग जाती है। स्मार्ट फोन के प्रयोग से समाज में अश्लीलता बढ़ती जा रही है। युवक व युवतियां अवसाद का शिकार हो रही है। पानी बचाने के ऊपर जैन मुनि ने कहा कि हमें जल व्यर्थ नहीं करना चाहिए। जल का दुरुपयोग इसी प्रकार होता रहा तो आने वाली संतान पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस जाएगी। देश में पानी की आगामी समस्या को लेकर उन्होंने कहा कि देश की तमाम नदियों को एक साथ जोड़ना चाहिए। सारी नदियों एक साथ जुड़ने से देश में पानी की समस्या खत्म हो जाएगी। मौके पर महेश चंद जैन, नीरज जैन, सतेंद्र कुमार जैन, नरेंद्र जैन, विपिन जैन, रमेश चंद जैन, अनिल जैन, डॉक्टर पवन जैन, अप्पू जैन, मोहित जैन, सिद्धार्थ जैन, अनुज जैन, दिनेश जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।