मुजफ्फरनगर। नकल माफियाओं की शिकायत करने वाले रविंद्र सिंह सिस्टम के सामने घुटने टेक चुके थे। तत्कालीन डीएम से लेकर डीआईओएस तक उसकी किसी ने नहीं सुनी। मजबूरन उसने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को शिकायत की। यह भी बताया कि प्रशासन और शिक्षा विभाग नकल माफियाओं के साथ मिला है। इसके बाद डिप्टी सीएम ने एसटीएफ को नकल पकड़ने के आदेश दिए।
जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सेंटर बनाए जाने से पहले ही शहर के रविंद्र सिंह डीएम और डीआईओएस को शिकायत की थी कि वर्ष 2018 में बाढ़ में महर्षि दयानंद इंटर कॉलेज दूधली और गुरूकुल इंटर कॉलेज बिरालसी के सेंटर लगाकर नकल कराई गई है। नकल माफिया कमर इंतखाब ने इन दोनो कॉलेजों से छात्रों का पंजीकरण कराकर बाढ़ में सेंटर लगवाया। इस शिकायत का डीएम और डीआईओएस पर कोई असर नहीं पड़ा। इसके बाद रविंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की, जिसकी जांच संयुक्त निदेशक सहारनपुर को दी गई, लेकिन यहां से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। रविंद्र सिंह ने बताया कि जब वह सिस्टम के सामने पूरी तरह टूट गया था और उसकी किसी ने नहीं सुनी तो उसने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से शिकायत की। मोबाइल पर उनसे बात की और उन्हें समस्त घटनाक्रम बताया।
सीडीओ को दी गई जांच
मुजफ्फरनगर। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि नकल को लेकर अफसरों की भूमिका की जांच सीडीओ अर्चना वर्मा करेगी। एक सप्ताह में जांच पूरी होगी। मुख्य रूप से डीआईओएस और स्टेटिक मजिस्ट्रेट यूएन शुक्ला की भूमिका की जांच होगी। बाढ़ को केंद्र बनाने में किन लोगों की संस्तुति है, उनकी भी जांच होगी। डीआईओएस ऑफिस की भूमिका की जांच भी की जाएगी।
जेडी पहुंचे ऑफिस, विभाग में हड़कंप
मुजफ्फरनगर। सामूहिक नकल पकड़े जाने से माध्यमिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा रहा। सुबह दस बजे ही जेडी सहारनपुर बालेंदू भूषण सिंह डीआईआएस कार्यालय पहुंचे और विभाग के लिपिकों से बातचीत की। उनके ऑफिस पहुंचते ही जैसे ही मीडिया के लोग वहां पहुंचे तो वह ऑफिस से निकल लिए।