फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमबीबीएस स्टूडेंट जेल भेजे, कालेज में हड़कंप

विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल के दोनों छात्रों को जेल भेजा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर।
कापियों के बदलने के खेल में शामिल छात्रों पर एसटीएफ ने शिकंजा कस दिया है। मुजफ्फरनगर जिले में स्थित बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज से पकड़े गए एमबीबीएस के दोनों छात्रों को मेरठ जेल भेज दिया है। दोनों छात्रों से पूछताछ में एसटीएफ को कई क्लू मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है। छात्रों के जेल जाने के बाद कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। प्रबंधतंत्र के अलावा अन्य छात्रों में अफरातफरी का माहौल है। मामले में एसटीएफ अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर सकती है।
एसटीएफ को जांच में मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज बेगराजपुर के छात्र आयुष और स्वर्णजीत के नाम की कॉपियां मिली थी, जो कि अवैध रूप से मूल्यांकन केंद्र से बाहर आई थी। इसको लेकर सोमवार को एसटीएफ ने मेडिकल कालेज में छापा मारकर जांच-पड़ताल कर दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद दोनों छात्रों ने एसटीएफ को कई राज बताए हैं, जिसके आधार पर मुख्य आरोपियों के अलावा कई अन्य भी जांच के दायरे में आए हैं। पूछताछ के बाद दोनों छात्रों को जेल भेज दिया गया। अन्य छात्रों में घटनाक्रम से अफरातफरी का माहौल है। कॉलेज की इन दिनों परीक्षाएं चल रही है, जिसमें काफी संख्या में परीक्षार्थी भाग ले रहे हैं। परीक्षा के दौरान यह कॉपी कांड खुलने से छात्र भयभीत हैं। एसटीएफ मामले की जड़ तक जाने में लगी है। अवैध रूप से डिग्रियां लेकर प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सक, अधिकारियों पर संदेह के बादल छा गए हैं। एसटीएफ कालेज के एमबीबीएस के साथ अन्य कोर्स की उत्तर पुस्तिकाओं की गोपनीय रूप से जांच कर रही है। एसपी एसटीएफ आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि पकड़े गए छात्रों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। हालांकि मामले में जांच जारी है। जैसे-जैसे परते खुलेंगी उसके आधार पर पड़ताल होगी।
विज्ञापन

कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीट
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर क्षेत्र के गांव बेगराजपुर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर स्थित मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में वर्ष 2006 में बनकर तैयार हुआ था। पहले कालेज में 100 सीट एमबीबीएस की थी, लेकिन मौजूदा समय में 150 सीट इस कोर्स की है। सवाल है कि एसटीएफ की जो जांच-पड़ताल है वह वर्ष 2014 के बैच से 2017 तक है। आरोपियों ने प्रतिवर्ष 150 लोगों की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने का पर्दाफाश किया है, जिसके चलते अनुमान है कि एक कालेज में करीब 30 से 40 कॉपियों को प्रति बैच में बदला गया है।
विज्ञापन

जिले में इस खेल की तलाश
मुजफ्फरनगर। इस मामले को लेकर जिले में भी तफ्तीश की जा रही है। यहां से इस खेल में और कितने लोग शामिल रहे हैं इसकी जांच हो रही है। वर्ष 2014 से 2017 तक जिले में पासआउट एमबीबीएस के छात्र भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें